मेरठ के परीक्षितगढ़ में हुई दीपक की हत्या के छह दिन बाद पुलिस ने कटा सिर तो बरामद कर लिया लेकिन परिजनों और ग्रामीणों को पुलिस की थ्योरी हजम नहीं हो रही है। ग्रामीण और परिजन पुलिस जांच पर सवाल उठा रहे हैं। पीड़ित के पिता का आरोप है कि पुलिस को पहले ही दीपक का कटा सिर मिल गया था लेकिन पुलिस परिजनों को गुमराह करती रही। बता दें कि छह दिन तक लगातार पुलिस दीपक के कटे सिर को ढूंढ रही थी लेकिन कामयाबी हाथ नहीं लगी थी।
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Deepak Murder: कटा सिर मिला पर हजम न हुई पुलिस की थ्योरी, परिजनों ने की CBI जांच की मांग, पढ़ें-कब क्या हुआ
Mon, 03 Oct 2022 03:06 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Mon, 03 Oct 2022 03:06 PM IST
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गांव में तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मृतक दीपक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के खजूरी गांव निवासी दीपक त्यागी (20) घर से माता के जागरण में जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटा। 27 सितंबर को उसका शव जंगल में पड़ा मिला। शव से सिर गायब था और कपड़े भी बदले हुए थे। हत्या के बाद जहां पुलिस से जल्द से जल्द कटा सिर बरामद करने की मांग की वहीं बिना सिर के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। पुलिस द्वारा वारदात के खुलासे को लेकर परिजन व ग्रामीण कई बार सड़क भी जाम कर चुके थे।
जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
दीपक के शव के पास से पुलिस को एक मोबाइल फोन मिला था जिससे दोनों सिम गायब थे। पुलिस ने कटा सिर बरामद करने के लिए बढ़ला, सोना, खजूरी समेत आसपास के कई गांव और जंगल में कांबिंग की लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। वहीं पुलिस ने परिजनों को समझाबुझाकर और जल्द इस मामले का खुलासा करने का आश्वासन देकर बिना सिर के ही शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद 28 सितंबर की सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को जहां इस हत्याकांड में कोई सुराग नहीं मिल रहा था वहीं परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा था। पुलिस इस पूरी वारदात को दो समुदायों से जोड़कर चल रही थी। दरअसल मृतक दीपक का एक दूसरे समुदाय की युवती से प्रेम प्रसंग था। ऐसे में पुलिस जांच इसी एंगल पर टिकी थी। पुलिस ने युवती समेत तकरीबन 100 लोगों से पूछताछ की लेकिन कुछ सफलता नहीं मिली। वहीं पुलिस को दीपक के मोबाइल की सीडीआर से एक संदिग्ध नंबर मिला जिस पर जांच को आगे बढ़ाया गया।
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जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
हत्याकांड के खुलासे के लिए एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने चार टीम गठित की थीं। रविवार को भी परिजनों ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। इसके बाद पुलिस ने फिर से सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद देर रात गांव के ही एक व्यक्ति फहमीद नट को पूछताछ के लिए उठाया। फहमीद की निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर दीपक का कटा सिर बरामद कर लिया।