जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में बुधवार रात शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों में शामली जनपद के किवाना गांव का जवान सतेंद्र शहादत को प्राप्त हुआ। शहीद सतेंद्र का पार्थिव शरीर आज उनक पैतृक आवास पर पहुंचेगा। बेटे के शहीद होने की खबर से घर में एक तरफ जहां कोहराम मच गया वहीं शहीद के पिता को अपने बेटे की शहादत पर गर्व है।
शामली: बेटे की शहादत पर पिता ने कही बड़ी बात, अनंतनाग आतंकी हमले में शहीद हुआ लाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में बुधवार को आतंकी हमले में यूपी के शामली के लाल समेत सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए, जबकि तीन गंभीर घायल हैं। आतंकियों ने सीआरपीएफ की पिकेट पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने के बाद ग्रेनेड से हमला किया। मौके पर पहुंचे अनंतनाग के सदर पुलिस थाने के एसएचओ भी ग्रेनेड की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। एक महिला को भी गोली लगी है। जवाबी कार्रवाई में एक पाकिस्तानी आतंकी भी मारा गया।
सत्येंद्र के पिता मुन्नी राम मजदूरी करते हैं। सतेंद्र के दो भाई और 2 बहनें जिनमें से एक भाई एक बहन अविवाहित हैं। सतेंद्र 10 मार्च को होली पर 20 दिन की छुट्टी आया था और 30 मार्च को वापस चला गया था। परिजनों के अनुसार बुधवार देर रात सतेंद्र के एक साथी जो बागपत जनपद का रहने वाला है उसकी पोस्टिंग भी जम्मू कश्मीर में है उसके माध्यम से सत्येंद्र को आतंकी हमले में गोली लगने की सूचना मिली।
इसके बाद परिजनों ने जम्मू कश्मीर में सतेंद्र की बटालियन के अधिकारी को फोन मिला कर बात की इसके बाद उन्होंने बताया कि उनका बेटा आतंकियों से लड़ता हुआ शहीद हो गया है। सतेंद्र की शहादत की सूचना पर गुरुवार सुबह एसडीएम शामली, अपर पुलिस अधीक्षक परिजनों के घर पहुंचे और सांत्वना दी।
शहीद के पिता का कहना है कि उसे अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। उसके दो बेटे हैं वह भी सेना में भर्ती हो जाएं और अपनी भाई की शहादत का बदला लें। पूरा गांव शहीद के परिवार के साथ है। बुजुर्ग से लेकर नौजवान भी सेना में भर्ती होकर आतंकियों को सबक सिखाने के मूड में है।