इसे संयोग कहेंगे या दुर्भाग्य? एक तरफ मुठभेड़ में अपराधी पंकज उर्फ बंटी का खात्मा हो गया और दूसरी तरफ उसकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। दोनों का समय लगभग एक ही है। परिवार के कुछ लोग अस्पताल से जच्चा बच्चा को लेकर तो कुछ लोग पोस्टमार्टम हाउस से पंकज का शव लेकर घर पहुंचे। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में पंकज के शव का अंतिम संस्कार हुआ।
मुठभेड़ में पिता ढेर, घर में गूंजी किलकारी, पति की मौत के वक्त पत्नी ने बेटे को दिया जन्म
कंकरखेड़ा क्षेत्र में बुधवार रात मुठभेड़ में पुलिस की गोली से 50 हजारी पंकज उर्फ बंटी और शहजाद उर्फ आजाद निवासी बुढ़ाना मुजफ्फरनगर मारे गए थे। गुरुवार सुबह समाचार पत्रों के माध्यम से दोनों परिवारों को मौत की खबर मिली। दोनों के परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। पंकज तीन भाइयों में सबसे छोटा था। पंकज के भाई विशाल ने बताया कि बुधवार देर रात पंकज की पत्नी सुजाता ने बेटे को जन्म दिया। हालत खराब होने पर बुढ़ाना स्थित सरकारी अस्पताल में सुजाता को भर्ती कराया गया था।
घर में किलकारी गूंजने से परिवार में खुशी का माहौल था। सुजाता और नवजात को परिजन सरकारी अस्पताल से लाने की तैयारी कर रहे थे, तभी पंकज की मौत की खबर आ गई। परिवार में मातम छा गया।
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वहीं, शहजाद के परिजनों में भी कोहराम मच गया। दोनों परिवार के लोग पोस्टमार्टम कराकर पंकज और शहजाद के शव को बुढ़ाना ले गए। जहां पर पंकज का अंतिम संस्कार किया गया तो शहजाद को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
दोनों अपराधी ट्रक ड्राइवर थे
परिजनों का कहना है कि पंकज ने अपना ट्रक लिया था। वह खुद ही चलाता था। घर से राजस्थान सामान लेकर गया था। ट्रक को छोड़कर उसको मुजफ्फरनगर एक मुकदमे के संबंध में कोर्ट आना था। 15 दिन से वह घर नहीं आया था।
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