इस कुख्यात गैंग के थे मुठभेड़ में ढेर दोनों बदमाश, छह साल पहले लूटा था 7 किलो सोना व 97 किलो चांदी
पुलिस ने दोनों बदमाशों का आपराधिक रिकार्ड खंगाला। जिसमें पता चला कि साल 2009 में दोनो बदमाशों ने एक साथ अपराध की दुनिया में कदम रखा था। दोनों बदमाश विनोद बावला के साथ काम करने लगे।
लूट, डकैती, हत्या और रंगदारी मांगना दोनों बदमाशों को पेशा बन गया था। कंकरखेड़ा के फाजलपुर में एक व्यापारी से छह महीने पहले एक लाख रुपये की लूट की थी। दोनों अपराधी वारदात के बाद जंगल में छुप जाते थे।
एसएसपी ने गठित की पुलिस टीम
सिपाही सुधीर कुमार मलिक को पेट में और सिपाही राहुल मलिक के हाथ में गोली लगने के बाद ही पुलिस एक्टिव हुई। एसएसपी अजय साहनी ने तुरंत सीओ दौराला जितेंद्र सरगम के नेतृत्व में टीम बनाई।
सीओ दौराला, इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा, एसओ दौराला, एसओ सरधना और क्राइम ब्रांच की सर्विलांस टीम लेकर बदमाशों की कांबिंग की। तभी बदमाशों से झिंझोखर मार्ग पर पुलिस से मुठभेड़ हुई।
दो महीने में 7 बदमाश ढेर
दौराला सीओ जितेंद्र सरगम की दो महीने में 15 बार बदमाशों से सीधी मुठभेड़ हुई। जिसमें चार मुठभेड़ में जवाबी कार्रवाई में सात बदमाश जुबैर, शकील, भूरा, अमित शेरू, रविंद्र कालिया, पंकज उर्फ बंटी, शहजाद पुलिस की गोली से मारे गए। जबकि तीन मुठभेड़ में बदमाशों के पैर में गोली लगी। जनपद में दौराला सर्किल में सबसे ज्यादा बदमाशों से मुठभेड़ हुई।