पश्चिमी यूपी के कुख्यात बदमाश बदन सिंह बद्दो ने कई राज्यों की पुलिस को चुनौती दे दी है। उसकी गिरफ्तारी एसटीएफ के लिए आसान नहीं है। पुलिस के अनुसार, मार्च 2010 में कालकाजी दिल्ली में चर्चित अनूप जुनेजा शूटआउट केस में बदन सिंह बद्दो का नाम सामने आया था, जिसके बाद पुलिस कमिश्नर ने उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
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कुख्यात बदन सिंह बद्दो
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी बदन सिंह का काम विवादास्पद प्रॉपर्टी पर कब्जा करना था। इसके लिए उसने अनूप जुनेजा आदि के साथ गिरोह बना रखा था। ये विवादास्पद प्रॉपर्टी को एक पक्ष से सस्ते में खरीद लेता था, जबकि दूसरी पार्टी के खिलाफ यूपी व पंजाब में वहां के कुछ पुलिसकर्मियों संग मिलकर एफआईआर दर्ज करा देता था।
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कुख्यात बदन सिंह बद्दो
- फोटो : social media
उसने साउथ दिल्ली में धमकी देकर कई विवादित कोठियां खाली कराईं, जिसके बाद स्पेशल सेल और यूपी एसटीएफ ने मिलकर उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया। 2012 में एसटीएफ मेरठ के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र यादव ने उसे गिरफ्तार किया था। दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद जब बद्दो को लालकुर्ती थाने में लाया गया तो शहर के कई बड़े कारोबारी और सफेदपोशों का थाने में जमावड़ा लग गया था।
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कुख्यात बदन सिंह बद्दो
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उस समय उस पर डेढ़ लाख रुपए का इनाम था। एक लाख रुपए यूपी पुलिस और 50 हजार रुपए का इनाम दिल्ली पुलिस की तरफ से घोषित था। नोएडा के कई बड़े कारोबारियों ने भी दिल्ली पुलिस के उच्चाधिकारियों से उस समय शिकायत की थी कि बद्दो ने लगातार अवैध तरीके से संपत्ति पर कब्जा कर लिया। बद्दो जेल गया तो उस पर फिर से साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगा।
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बदन सिंह बद्दो
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इससे पहले मेरठ में वकील हत्याकांड का आरोप भी उस पर था। इस हत्या के बाद मेरठ के वकीलों ने भारी विरोध प्रदर्शन किए थे। पुलिस का कहना है कि लालकुर्ती क्षेत्र में केबिल कारोबारी पवित्र मैत्रेय की हत्या कराने का आरोप भी बद्दो पर लगा था। दिल्ली पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि आरोपी नेपाल फरार हो सकता है।