उत्तर प्रदेश की पुलिस बार- बार नाकाम साबित होती है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ, जब किसी कुख्यात को यूपी पुलिस नहीं पकड़ पाई हो। पांच लाख के इनामी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के अलावा एक और कुख्यात पिछले 15 माह से यूपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। ढाई लाख का इनामी बदन सिंह बद्दो सवा साल पहले मेरठ के एक होटल से फरार हो गया था। यूपी पुलिस की नाकामी के सबूत हैं ये तीन बड़े मामले, आगे जानिए पूरा अपडेट-
Vikas Dubey Arrested: यूपी पुलिस की नाकामी के सबूत हैं ये तीन बड़े मामले, जानकर होंगे हैरान, एनकाउंटर से बच गया विकास दुबे
पहला मामला
पश्चिमी यूपी का कुख्यात बदन सिंह बद्दो 15 माह पहले पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। उसे फर्रुखाबाद जेल से फतेहगढ़ पुलिस गाजियाबाद कचहरी में पेशी पर लाई थी। पेशी कराने के बाद बद्दो ने साथ आए पुलिसकर्मियों को मेरठ के होटल मुकुट महल में शराब पार्टी दी थी। इस दौरान उसने पुलिसकर्मियों को शराब में नशीला पदार्थ पिला दिया और वह आसानी से होटल से फरार हो गया था।
बद्दो को साल 2017 में रविंद्र गुर्जर की हत्या में उम्रकैद की सजा गाजियाबाद कोर्ट ने सुनाई थी। तभी से बद्दो जेल में बंद था। मेरठ के बसपा नेता और जिला पंचायत सदस्य संजय गुर्जर की हत्या में भी बद्दो पर सुनवाई होनी थी। बद्दो की गाजियाबाद कोर्ट में पेशी थी। फतेहगढ़ थाने की पुलिस बद्दो को लेकर गाजियाबाद पहुंचे थे। पेशी कराकर फतेहगढ़ पुलिस बद्दो को मेरठ में दिल्ली रोड स्थित मुकुट महल होटल लेकर पहुंची थी। वहीं से वह फरार हो गया था। अब सवाल है कि 15 माह बाद तक भी यूपी पुलिस ढाई के इनामी कुख्यात को क्यों नहीं पकड़ पाई?
दूसरा मामला
बागपत के जिला कारागार में दो साल पहले माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई थी। उस समय भी यूपी पुलिस पर सवाल उठे थे कि आखिर जेल में मर्डर कैसे हो गया? जेल में पिस्टल कौन और कैसे ले गया? मुन्ना बजरंगी की हत्या में आज तक भी कई सवाल अनसुलझे हैं।
ऐसे हुई थी हत्या
साल 2017 में बसपा के पू्र्व विधायक लोकेश दीक्षित से मुन्ना बजरंगी और सुल्तीन ने रंगदारी मांगी थी। साथ ही जान से मारने की भी धमकी दी थी। इसी केस में मुन्ना बजरंगी की कोर्ट में पेशी थी, झांसी जेल से लाकर उसे बागपत जेल में शिफ्ट किया था। बताया गया था कि सुनील राठी और मुन्ना बजरंगी में झगड़ा हुआ, जिसके बाद मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस दौरान कई राउंड फायरिंग हुई थी।