उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में पुलिस ने दो दोस्तों की हत्या का खुलासा कर दिया है। इन दोनों की हत्या एक युवक के तहेरे भाई ने ही साथियों के साथ मिलकर की थी। प्रॉपर्टी के साथ ही लाखों के लेनदेन का विवाद हत्याकांड की वजह रहा। पुलिस ने तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज डबल मर्डर का खुलासा कर दिया है। हालांकि मुख्य आरोपी समेत चार लोग अभी फरार हैं।
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एसएसपी ने किया खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस लाइन स्थित सभागार में सोमवार को प्रेसवार्ता करते हुए एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि गत 30 जून को शांतिनगर स्थित अनुज चौधरी के मकान से शामली जनपद के गांव सिंभालका निवासी अमित पुत्र राजकुमार का शव बरामद हुआ था, जबकि अनुज लापता था। राजकुमार ने अनुज चौधरी पर ही हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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एसएसपी अभिषेक यादव
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एसएसपी ने बताया कि जांच में अनुज के तहेरे भाई नरेंद्र निवासी गांव सिंगली, थाना अगौता, बुलंदशहर व उसके साथियों का नाम सामने आया। पुलिस ने इनमें से सागर निवासी गांव बडेढ़ी, मोहित उर्फ मामा निवासी बचन सिंह कॉलोनी व गौरव पंडित निवासी अंकित विहार को गिरफ्तार किया, जिनकी निशानदेही पर रविवार सुबह लापता अनुज का शव भी गांव बडेढ़ी से जमीन में दबा हुआ बरामद किया गया था। हत्यारोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार व एक बाइक बरामद की गई है।
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आरोपी गिरफ्तार
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बता दें कि मुख्य आरोपी नरेंद्र निवासी गांव सिंगली, अमित पंडित निवासी खेड़ा धर्मपुरा बादलपुर, जनपद गौतमबुद्धनगर, हिटलर निवासी गांव सैदपुरा थाना औरंगाबाद, बुलंदशहर और नितिन अभी फरार हैं। इनकी तलाश में टीम गठित कर दी गई है। एसएसपी ने बताया कि प्रॉपर्टी विवाद और लाखों के लेनदेन में दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया है।
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एसएसपी अभिषेक यादव
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टारगेट था अनुज, अमित बना निशाना
एसएसपी ने बताया कि हत्यारोपी केवल अनुज चौधरी को मारना चाहते थे। सोमवार सुबह करीब 11.30 बजे पहले बाइक से तीन युवक मकान पर पहुंचे, जिन्होंने अनुज से गेट खुलवाया। उनके पीछे-पीछे कार से नरेंद्र समेत चार आरोपी पहुंचे। आरोपियों ने अनुज से मारपीट शुरू की तो उसका दोस्त अमित बीच में आ गया। नतीजतन आरोपियों ने उसकी भी हत्या कर दी। हत्या के बाद अनुज के शव को आरोपियों ने मकान में खड़ी कार की डिग्गी में डाल दिया, जबकि अमित के शव को अंदर छिपा दिया गया। इसके बाद दो आरोपियों को बाइक से मेरठ छोड़ा गया। देर रात बंद मकान से कार निकालकर उसमें रखे अनुज के शव को बडेढ़ी ले जाकर गड्ढे में दबा दिया गया, लेकिन अमित के शव को दबाने के लिए उन्हें अधिक मौका नहीं लग पाया।