मेरठ में लावड़ के सौरभ गुप्ता की भले ही हिंदू संगठन से वापसी करा दी, लेकिन परिवार के लोगों ने उसे ठुकरा दिया है। परिवार अभी मानने को तैयार नहीं है कि उनका बेटा अपनी पत्नी शादमा और दो बच्चों को हमेशा के लिए छोड़कर उनके पास आ गया है। शादमा अपने बच्चों के साथ मुजफ्फरनगर के खालापार में रह रही है।
धर्मांतरण मामला: धर्म वापसी, पर परिवार ने ठुकराया, सौरभ गुप्ता ने पत्नी शादमा और बच्चों को छोड़ा, अब खुलेंगे मौलाना के बड़े राज
उनका कहना है कि सौरभ से 12 साल पहले रिश्ता टूट गया था। उस वक्त भी परिजनों ने काफी समझाया था, लेकिन वह नहीं माना। अब शादमा के साथ उसके दो बच्चे भी हैं। वह उनको कैसे छोड़ सकता है। सौरभ पर परिवार के लोगों को विश्वास नहीं है। सौरभ फिलहाल लावड़ में इधर-उधर रहकर ही टाइम पास कर रहा था।
सौरभ और सुशील समेत तीन लोगों से पूछताछ जारी
सूत्रों ने बताया है कि सौरभ गुप्ता व सुशील जैन समेत तीन लोगों को एटीएस ने हिरासत में लिया है। तीनों से पूछताछ चल रही है। इन तीनों का फुलत के मौलाना कलीम सिद्दीकी ने धर्मांतरण कराया था। फंडिंग कराने की बात कहकर उनको कई सालों तक मुस्लिम बनाकर रखा गया था। इन तीनों लोगों को मौलाना ने कैसे फंसाया, इसकी जानकारी भी एटीएस अपनी जांच में शामिल कर सकती है।
मौलाना कलीम के खिलाफ जुटाए सबूत
मौलाना कलीम को एटीएस ने दस दिन की रिमांड पर लिया है। एटीएस उसके खिलाफ एक के बाद एक कई सबूत जुटाने में लगी है। जिन लोगों का धर्मांतरण मौलाना या फिर उसके करीबियों ने कराया है, उन सभी से एटीएस पूछताछ करने में लगी है। बताया कि धर्मांतरण के शिकार हुए कई लोगों की वापसी हुई है। उनको मौलाना के केस में गवाह बनाया जा सकता है।
यह था मामला
फुलत गांव निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी 21 सितंबर को लिसाड़ीगेट के हुमायूंनगर में एक कार्यक्रम में आया था। वापसी के दौरान एटीएस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। एटीएस ने खुलासा किया था कि मौलाना को अवैध धर्मांतरण और विदेशों से फंडिंग का पैसा लेने के आरोप में पकड़ा है। एटीएस ने मौलाना को दस दिन की रिमांड पर लिया है। जिसमें धर्मांतरण के शिकार हुए लावड़ के सौरभ गुप्ता का नाम भी सामने आया है।