बसपा नेता एवं प्रॉपर्टी डीलर हाजी मोहम्मद अहसान और उनके भांजे मोहम्मद शादाब की हत्या के मामले में आईजी रमित शर्मा ने नजीबाबाद में कैंप कर खुलासे के लिए छह टीमें गठित कराई हैं। बताया गया कि हाजी अहसान व उनके भांजी की हत्या कराने में हाजी अहसान के नजदीकी प्रॉपर्टी डीलर का हाथ रहा है। क्योंकि उनके एक कर्मचारी ने कार्यालय का सीसीटीवी कैमरा बंद किया था। यही नहीं बल्कि शूटरों को सूचना दी थी कि हाजी अहसान नमाज पढ़ने के बाद अपने कार्यालय में आकर बैठ गए हैं। अगली स्लाइडों में जानिए पूरा अपडेट:-
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मौके पर जांच करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, बसपा नेता के साले किरतपुर चेयरमैन अब्दुल मन्नान की ओर से पुलिस को तहरीर सौंपी गई है। जिसमें मृतक अहसान के पार्टनर, कर्मचारियों और कुछ अन्य लोगों पर हत्या का संदेह व्यक्त किया गया है।
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मौके पर जांच करने पहुंचे अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
बसपा नेता हाजी मोहम्मद अहसान और उनके भांजे की हत्या के खुलासे के लिए आईजी रमित शर्मा ने प्रॉपर्टी विवाद सहित बसपा नेता से जुड़े अन्य मामलों का अध्ययन कर तत्काल दोहरे हत्याकांड के खुलासे के निर्देश दिए हैं। मामले के जल्द खुलासे के लिए आईजी ने बुधवार को भी नजीबाबाद में कैंप किए।
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मौके पर जांच करने पहुंचे अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
सीओ महेश कुमार के निर्देशन में हाईप्रोफाइल डबल मर्डर के खुलासे के लिए एसओजी बिजनौर सहित छह टीमों का गठन किया गया है। पुलिस ने बसपा नेता के ड्राइवर राजा, घटना के समय उपस्थित तनवीर अहमद उर्फ डॉ. मनडोला, मुख्तार और हाजी मोहम्मद अहसान के पार्टनर हाजी मोहम्मद फैसल से भी पूछताछ की।
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मौके पर जांच करने पहुंचे अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने घटनास्थल के निकट एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से दोनों शूटरों की पहचान के लिए आसपास के जनपदों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। प्रथम दृष्टया पुलिस हाजी मोहम्मद अहसान के प्रॉपर्टी से जुड़े उन सभी बड़े विवादों की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जिसके चलते शार्प शूटरों से उनके और उनके भांजे की हत्या कराई गई।