देश भर में चोरी और लूट के मोबाइलों को खपाने वाला अंतर्राष्ट्रीय अपराधी शरद गोस्वामी आज शुक्रवार सुबह से चार दिन की पुलिस रिमांड पर रहेगा। पुलिस रिमांड के दौरान उसके विदेशी एजेंटों और स्थानीय पुलिसकर्मियों से कनेक्शन की गहनता से पड़ताल करेगी। साथ ही पूछताछ में उसके गिरोह का पूरा सच सामने आएगा।
रिमांड पर बड़े राज खोलेगा गिरोह का सरगना, विदेशों में फैला था नेटवर्क, सामने आएगी असली सच्चाई
लंबे समय से मोबाइल फोन और लैपटॉप की चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देते आ रहे अंतर्राष्ट्रीय लुटेरा गैंग का बुधवार को पर्दाफाश हुआ था। पुलिस ने गिरोह के सरगना शरद गोस्वामी और उसके साथी बदमाशों अमरीश गिरी, इरफान, अमित गोस्वामी, शलभ गोस्वामी, आकिब और आलिब को गिरफ्तार किया था। न्यायालय ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी सीपीएम त्रिपाठी और अभियोजन अधिकारी दीपक पुनियाल ने गुरुवार को बताया के गैंग के सरगना शरद गोस्वामी द्वारा किसी स्थान पर किसी विशिष्ट वस्तु की बरामदगी कराने का आश्वासन दिया गया। साथ ही घटनाओं से संबंधित मोबाइल फोनों आदि की बरामदगी अलग-अलग जगह से करानी है।
विवेचक ने आरोपी शरद को सात दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई। इस पर आरोपी शरद के अधिवक्ता ने आपत्ति करते हुए कहा कि विवेचक द्वारा किसी स्थान या किसी सामान की बरामदगी का उल्लेख प्रार्थना पत्र में नहीं किया गया है। यह भी तर्क है कि अभियुक्त द्वारा पुलिस के विरुद्ध प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया हुआ है, जिसकी रंजिश के कारण उसे झूठा फंसाया है और पुलिस अभिरक्षा में दिए जाने का विरोध किया।
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अदालत ने पुलिस की अर्जी पर सुनवायी के बाद अभियुक्त शरद गोस्वामी को चार अक्तूबर की सुबह 10 बजे से सात अक्तूबर की शाम पांच बजे तक सशर्त पुलिस रिमांड पर देने का आदेश सुनाया। अभिरक्षा में लेने से पूर्व अभियुक्त का चिकित्सीय परीक्षण कराया जाए और चिकित्सीय रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल की जाए। विवेचक सुप्रीमकोर्ट, हाईकोर्ट एवं मानव अधिकार आयोग के निर्देशों का अनुपालन करेगा। पुलिस अभिरक्षा के दौरान एक निश्चित दूरी पर अधिवक्ता रह सकते हैं। लेकिन वह विवेचक के किसी भी कार्य में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
रिमांड पर ये खुलेंगे राज
- पांच साल में देशभर में मोबाइल चोरी कर और लूटकर करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति कैसे कमाई।
- गैंग के सरगना शरद गोस्वामी का विदेशों तक कनेक्शन कैसे जुड़ा, कौन-कौन हैं इस अपराध में शामिल।
- अभियुक्त शरद को कौन-कौन पुलिस वाले अपराध में सहयोग करते थे।
- अभियुक्त शरद के गैंग में कौन-कौन बदमाश शामिल हैं (100 से ज्यादा बदमाशों में केवल छह ही पकड़े गए अभी तक)
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