महाराष्ट्र के अमरावती में क्राॅकरी कारोबार करने वाले कोरोना पाॅजिटिव व्यक्ति ने मेरठ को कोरोना के कालचक्र में झोंक दिया है। अब स्वास्थ्य विभाग के लिए कोरोनावायरस को रोकना और इस कालचक्र को तोड़ना सबसे बड़ी चुनौती है। यह व्यक्ति बीमार रहते हुए तकरीबन 200 लोगों से मिला है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमण का खतरे की आशंका जताई जा रही है।
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कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग को एक हजार से ज्यादा लोगों से संपर्क करना पड़ सकता है। दरअसल, जब वह महाराष्ट्र के अमरावती से चला था तभी से ही उसे बुखार आ रहा था। ऐसे में वहां भी लोगों के संपर्क में आया होगा।
वहीं कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने व्यक्ति से पूछताछ की तो उसका कहना था कि उसे जरा भी जानकारी नहीं थी कि उसे कोरोना वायरस हो गया है। वह तो इसे सामान्य बुखार ही समझ रहा था।
इस मरीज ने कहा कि मैं जब महाराष्ट्र से मेरठ के लिए चला था तब तबीयत ठीक थी। यहां आने के बाद भी ठीक रहा। असल तबीयत 24 मार्च को खराब हुई। तब मुझे मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पता चला कि मुझे कोरोना वायरस है।
कोरोना वायरस के आइसोलेशनवार्ड में भर्ती इस मरीज ने बताया कि मेरी महाराष्ट्र में क्राॅकरी शाॅप है। वहां अक्सर आना-जाना रहता है। पता नहीं, मुझे कैसे यह बीमारी हो गई। यदि मुझे यह पता होता, तो मैं यहां आता ही नहीं। मेरी वहज से न जाने कितने लोग परेशान हुए होंगे। इसका मुझे अफसोस है