लॉकडाउन के पांचवें दिन आज पश्चिमी यूपी में व्यवस्था काफी नियंत्रण में मिली। सब्जी मंडियों में सन्नाटा पसरा रहा। केवल थोक विक्रेता ही पहुंचे। सामान की होम डिलीवरी कराए जाने के बावजूद दुकान पर सामान बेच रहे कई दुकानदारों को बिजनौर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पुलिस हिरासत में ले लिया।
Meerut Lockdown: लॉकडाउन के पांचवें दिन कुछ नियंत्रित दिखी व्यवस्था, होम डिलीवरी नहीं कराने पर बिजनौर में कई दुकानदार हिरासत में
मेरठ मेडिकल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती 50 लोगों की रिपोर्ट आज आ जाएगी। स्वास्थ्य विभाग कोरोना की चेन तोड़ने के लिए मेरठ के तीन क्षेत्रों में क्रॉकरी कारोबारी के संपर्क में आने वालों की तलाश में जुट गया है। हालांकि अब तक शहर में 55 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है जबकि पांच में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। 575 से अधिक लोग निगरानी में हैं।
लाॅकडाउन के पांचवें दिन नवीन मंडी स्थल में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं आटे की किल्लत सामने आने के बाद आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने आटा मिलों को आटा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। आटा मिलों से गली मोहल्लों में दुकानों पर पहुंचवाया जा रहा है। प्रशासन के आदेश है कि 26 रुपये प्रति किलो से अधिक दाम में आटा नहीं बेचा जाएगा।
मेरठ देहात क्षेत्र में आज नगर पालिका परिषद सरधना ने होम डिलीवरी का कार्य शुरू किया गया, जिसमें सरकारी रेट पर सामानों की डिलीवरी का कार्य शुरू की गई। होम डिलीवरी करने वाले समस्त कर्मचारियों को मास्क दिए गए हैं।
रेलवे प्रशासन के निर्णय के बाद मेरठ से रेलवे कोच आनंद विहार भेजे जाएंगे। दो ट्रेनों को तैयार किया गया है। आनंदविहार में लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
बिजनौर में लाॅकडाउन के पांचवें दिन लोग सब्जी मंडी में कम ही दिखे, हालांकि दुकानों पर सुबह के समय काफी भी़ड़ रही। जनपद के नगीना क्षेत्र में होम डिलीवरी के बजाय दुकानों पर सामान बेच रहे लोगों पर प्रशासन ने की कार्रवाई करते हुए कई दुकानदारों को हिरासत में ले लिया।
लाॅकडाउन का असर अब पशुओं पर भी दिखने लगा है। कई जिलों में बाॅर्डर सील होने के कारण गौशालाओं में चारा पहुंचाने की मुश्किल आने लगी है। ऐसे में गौशालाओं की खोर खाली होने लगी है। शामली जनपद से मिली जानकारी के अनुसार यहां 35 छोटी बड़ी गौशालाएं हैं, जिनमें तीन हजार से ज्यादा गौवंश रहते हैं।
जनपद के ज्यादातर व्यापारी हरियाणा के करनाल आदि जगहों से भूसा लाते हैं लेकिन बाॅर्डर सील होने के बाद चारा लाने की समस्या आन पड़ी है। लॉक डाउन के चलते दूर राज्यों से मजदूरों का पलायन जारी है। पैदल ही यह अपनी मंजिल तय कर रहे हैं। इनके पास पैसे तो हैं मगर रास्ते में खाने के लिए कुछ नहीं मिल रहा। बस जैसे-तैसे चाय बिस्कुट के सहारे इनका सफर तय हो रहा है।