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कोरोना काल में बेबसी: जिंदगी ही नहीं, मौत की रस्में भी बदल दीं, अब न तीये की बैठक और न तेरहवीं

Fri, 08 May 2020 12:59 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 08 May 2020 12:59 PM IST
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Corona Virus, Now funeral rituals have also changed after death due to corona virus
अंतिम संस्कार की तैयारी - फोटो : अमर उजाला

कोरोना महामारी ने जिंदगी ही नहीं मौत की रस्में भी बदल दी हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि अंतिम संस्कार और उसके बाद होने वाली रस्में अब औपचारिक बन गईं हैं। कई मामलों में तो लोग इनको पूरा भी नहीं कर पा रहे हैं।

Corona Virus, Now funeral rituals have also changed after death due to corona virus
अंतिम संस्कार की तैयारी करते चंद लोग - फोटो : अमर उजाला

लॉकडाउन के चलते कहीं पिता की अस्थियों को पुत्र का इंतजार हैं तो कहीं पुत्र उन्हें मुखाग्नि देने से भी वंचित हैं। कोरोना के चलते करीब- करीब पूरा परिवार ही क्वारंटीन किया जा रहा है। ऐसे में अगर परिवार के किसी सदस्य की कोरोना से मौत हो जाती है तो परिजन उसके अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पा रहे हैं। पहले किसी के निधन पर जहां सैकड़ों लोग जमा हो जाते थे वहीं अब चिताओं के आप-पास तीन-चार लोग होते हैं। ऐसे में रस्मों को पूरा करना तो नामुमकिन हो रहा है। ऐसे में रिश्तेदारों को मृतक के संबंध में सूचना तो दी जा रही है, लेकिन उनसे घर में ही रहकर मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने को कहा जा रहा है।

Corona Virus, Now funeral rituals have also changed after death due to corona virus
अंतिम संस्कार में शामिल हुए चंद लोग - फोटो : अमर उजाला

श्मशान में अस्थियां कर रहीं पुत्र का इंतजार
लॉकडाउन के दौरान विजय गर्ग की कोरोना से मौत हो गई। बेटे मोहित ने उनका अंतिम संस्कार तो कर दिया, लेकिन खुद क्वारंटीन होने के कारण वह दसवां और तेरहवीं नहीं कर पाए। पिता की अस्थियां भी अभी तक शवदाह गृह में हैं। मोहित अपनी दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद ही अंतिम संस्कार के बाद होने वाली रस्में निभाएंगे।

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Corona Virus, Now funeral rituals have also changed after death due to corona virus
शवदाह गृह में शव ले जाते चंद लोग। - फोटो : अमर उजाला

कैसी-कैसी बेबसी
रविंद्रपुरी निवासी राजेश की बुधवार को कोरोना से मौत हो गई थी। घर में क्वारंटीन बेटे ने पिता का अंतिम संस्कार किया। उनका क्षेत्र हॉटस्पॉट होने के कारण परिजन अस्थियां प्रवाहित करने के लिए गंगा नहीं जा पा रहे हैं। उनके रिश्तेदारों ने अस्थि प्रवाहित करने के लिए अफसरों से परमिशन मांगी है। उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन अनुमति दे देगा। इसके बाद गंगा में अस्थि विसर्जन को जा सकेंगे।

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Corona Virus, Now funeral rituals have also changed after death due to corona virus
coronavirus - फोटो : amar ujala

भाई ने किया अंतिम संस्कार
ट्रांसपोर्टनगर निवासी भाजपा नेता के पिता का अंतिम संस्कार उनके भाई को करना पड़ा। वजह उनके दोनों बेटे कोरोना पॉजिटिव होने के कारण मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। उन्हें मुखाग्नि देने के लिए शवदाह गृह तक जाने की अनुमति नहीं मिली। वे घर में बैठे-बैठे पिता की मौत पर सिर्फ आंसू बहाते रहे। मृतक के भाई ने ही दसवां, तेहरवीं आदि की रस्में पूरी कराईं।

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