मेरठ में दो जुड़वां इंजीनियर भाइयों ने 23 अप्रैल को परिवार के साथ मिलकर अपना 24वां जन्मदिन खुशी-खुशी मनाया। लेकिन किसी को क्या पता था कि यह जन्मदिन उनकी जिंदगी का आखिरी जन्मदिन होगा। एक साथ पैदा हुए दोनों जुड़वां भाइयों को कोरोना ने मां से छीन लिया है। बताया गया कि जन्मदिन के अगले दिन ही वो कोरोना का शिकार हो गए थे और फिर 13 और 14 मई को दोनों भाइयों ने दम तोड़ दिया। दोनों ही होनहार थे और एक साथ ही कंप्यूटर इंजीनियर बने थे।
मेरठ में सेंट थॉमस स्कूल के शिक्षक ग्रेगरी रेमंड राफेल के दोनों जुड़वां बेटों की कोरोना संक्रमित होने के बाद मौत हो गई। दोनों ही बेटों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। मां रोते-बिलखते हुए बार-बार यही कर रही है कि आखिर हमने किसी का क्या बिगाड़ा था जो मेरे दोनों बेटों को मुझसे छीन लिया है। दोनों इंजीनियर भाइयों ने कोरोना की चपेट में आने के बाद करीब 20 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया। लेकिन दोनों ही जिंदगी से हार गए और दम तोड़ दिया। दोनों भाई साथ ही जन्मे, फिर साथ पढ़े और ज्यादातर समय में एक साथ ही रहे।
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : amar ujala
इनके पिता ग्रेगरी रेमंड राफेल का कहना है कि उनका परिवार इस घटना से टूट गया है। अब हम सिर्फ तीन लोग ही परिवार में बचे हैं। परिवार ने शुरू में घर पर इलाज किया, यह सोचकर कि बुखार कम हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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विलाप करते परिजन।
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एक दूसरे से अलग हटकर कभी कुछ नहीं किया
दंपती ने बताया कि उन्हें यह डर था कि अगर कहीं किसी एक को कुछ हो गया तो वह दूसरे को क्या जवाब देंगे। वहीं एक दूसरा डर यह भी था कि पैदा होने से लेकर 24वें जन्मदिन तक उन्होंने कभी भी एक-दूसरे से अलग हटकर कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह जानते थे कि दोनों एक साथ ठीक होकर घर जाएंगे या फिर एक को कुछ हुआ तो दूसरा भी नहीं बचेगा। पहले जोफ्रेड की मौत हुई। कुछ घंटों बाद राल्फ्रेड के मरने की खबर भी आई।
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विलाप करते परिजन।
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माता-पिता की सेवा करना चाहते थे
दंपती ने बताया कि पहले की मौत के बारे में दूसरे को बताया नहीं गया था, मगर दूसरे को इसका अहसास हो गया था और उसने भी दम तोड़ दिया। वे हमें एक बेहतर जिंदगी देना चाहते थे। हम लोगों ने स्कूल में पढ़ाकर दोनों बच्चों को पाला-पोसा। बहुत संघर्ष किया। दोनों बेटों हैदराबाद से कोरिया और फिर जर्मनी जाने की योजना बना रहे थे। हमें नहीं पता कि भगवान ने हमें इस तरह सजा क्यों दी।
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मेरठ में दो भाइयों की कोरोना से मौत।
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वेंटिलेटर पर थे, फेफड़े हो गए थे खराब
आनंद अस्पताल में दोनों भाइयों ने आखिरी सांस ली। अस्पताल के मैनेजर मुनीष पंडित ने बताया कि दोनों एक मई से ही वेंटिलेटर पर थे। उनके फेफड़े खराब हो गए थे। एचआरसिटी स्कोर एक का 25 में से 25 और दूसरे का 19 था। उन्हें बचाने की कोशिश की, मगर सफल नहीं हो सके।