बिजनौर के राजकुमार की बेटी प्रीति का पुलिस भर्ती की मेरिट में नंबर नहीं आया। लेकिन वह जबरन पुलिस में भर्ती होने पर अड़ी रही। इसको लेकर बरेली, लखीमपुर खीरी व फिर मेरठ के पीटीएस में ट्रेनिंग करने पहुंच गई। फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए। लेकिन पकड़ी गई। उसका खामियाजा प्रीति को भरना पड़ गया। प्रीति को आखिरकार जेल जाना पड़ा।
मेरिट में नंबर नहीं, फिर भी पुलिस में भर्ती होने को अड़ी रही फर्जी आरक्षी, आखिरकार जाना पड़ा जेल
साल 2018 की पुलिस भर्ती में बिजनौर जिले से 96 लड़कियों के नंबर आए। उसमें प्रीति पुत्री राजकुमार निवासी जलालपुर आरा, नहटौर बिजनौर का नंबर नहीं आया। जबकि प्रीति ने फिजिकल और लिखित परीक्षा पास की थी। लेकिन मेरिट में उसका नंबर नहीं आया।
मेरिट में नंबर न होने के बाद भी प्रीति जबरन पुलिस में भर्ती होने को अड़ी रही। बिजनौर से सभी 96 लड़कियों को ट्रेनिंग के लिए बरेली, रायबरेली व लखीमपुर खीरी में भेजा गया। प्रीति वहां भी पहुंची। उसको वहां से भी निकाल दिया।
14 जून 2019 को प्रीति पीटीएस लखीमपुर खीरी में पकड़ी गई। जहां गणना के दौरान उसको पकड़ा गया। उसके बाद पुलिस ने हिदायत देकर उसको वहां से भेजा। कहा कि बिजनौर से आपका लिस्ट में कोई नाम नहीं आया।
सोमवार को प्रीति मेरठ पीटीएस में पहुंची। जहां पर गणना के दौरान उसको पकड़ लिया गया। जानकारी करने पर पता चला कि वह बिजनौर में पुलिस भर्ती के दौरान असफल हो गई थी। इसके बाद भी वह जबरन ट्रेनिंग सेंटर में जाकर पुलिस में शामिल होने का प्रयास कर रही है।
आशा ज्योति केंद्र में की गई पूछताछ
फर्जी प्रशिक्षु प्रीति को मेडिकल स्थित आशा ज्योति केंद्र में रखा गया। जहां प्रीति से घंटो पूछताछ हुई। सीओ किठौर आलोक सिंह ने बताया कि प्रीति ने असफल होने पर ऐसा किया। इसके अलावा उसका कोई मकसद नहीं है। इसको लेकर प्रीति से पुलिस ने अलग-अलग सवाल किए।
लखीमपुर खीरी से बनवाए फर्जी कागज
प्रीति पुत्री राजकुमार को जानकारी थी कि उसके गांव के पास वाले गांव में प्रीति पुत्री रोहताश का नंबर आया था। वह रायबरेली में ट्रेनिंग कर रही है। इसको देखते प्रीति ने फर्जी कागज बनवाए। उसमें अपने पिता राजकुमार की जगह रोहताश लिखवा दिया। ताकि जांच में पुलिस उसको न पकड़ पाए। पुलिस की जांच में इसका खुलासा हुआ है।