जेल में धर्मांतरण : हत्या के मुकदमे में मिली मदद, तो मेरठ के ताराचंद ने पढ़ी नमाज, पुलिस ने कटवाई दाढ़ी
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यह भी पता चला है कि केस से 302 की धारा हटवाकर उसको 304 (गैर इरादन हत्या) में तब्दील कराने में मदद की। वह मुस्लिम युवक के साथ जेल में उनके धर्म के अनुसार नमाज भी पढ़ता था। अब उसने दाढ़ी रखी हुई है। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर नाराजगी है। श्याम ने ताराचंद और खरखौदा के युवक के खिलाफ तहरीर दी।
जेल से बाहर आने के बाद ताराचंद की वेशभूषा और लहजा बदले होने का आरोप है। ताराचंद 2017 से हत्या के मामले में जिला जेल में बंद था। 19 मई, 2021 को पैरोल पर बाहर आया है।
बड़ा सवाल : जेल में कैसे हुआ धर्मांतरण
बड़ा सवाल यह भी है कि अगर आरोप सही हैं तो जेल में धर्मांतरण कैसे हुआ। मुस्लिम समुदाय के युवक ने ताराचंद को रुपये किसके माध्यम से दिलवाए। इन सबकी जांच हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से करने की मांग की है। जेल में ताराचंद नमाज पढ़ता था, यह बात जेल प्रशासन को पता चली या नहीं। इसकी जांच की मांग की गई। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस बारीकी से जांच करें। इस मामले में कई लोग शामिल हो सकते है।
सीओ किठौर बृजेश सिंह का कहना है कि ताराचंद से भी पूछताछ की गई। उसका कहना है कि केस में मुस्लिम युवक ने उसकी मदद की है। जेल में बंद रहते समय उक्त युवक से बातचीत हुई। पुलिस गहनता से जांच कर रही है। जो भी दोषी होेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।