कांचहि बांस के बहंगियां, बहंगी लचकत जाए, दीहीं ना ससुर जी पियरिया, बहंगी घाटे पहुंचाए..... देशभर में छठ महापर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह दिखाई दिया। उत्तर प्रदेश और बिहार की रहने वाली महिला श्रद्धालुओं ने दूसरे दिन भी निर्जला व्रत रखा।
शाम को महिलाओं ने हनुमान धाम पहुंचकर सामूहिक रूप से सूर्य देव की विधि विधान से पूजा की। पूजा में फल, सब्जी रखकर मंगल गीत गाए और शिव सरोवर के जल में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया।
उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, शामली, बिजनौर आदि शहरों में छठ पूजा का खासा उत्साह दिखाई दिया। छठ महापर्व पर महानगर में गंगोह रोड के मानकमऊ स्थित पूर्वी यमुना नहर के घाट पर बड़ी संख्या में रविवार शाम पूर्वांचल वासी एकत्र हुए। रविवार को पर्व के तीसरे दिन श्रद्धा और हर्षोल्लास का माहौल रहा।
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शहर के अलमासपुर स्थित नई बस्ती में महिलाओं ने संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य, उज्जवल भविष्य और सुखमय जीवन की कामना की गई। रालोद के पुरकाजी विधायक अनिल कुमार और सपा महामंत्री शलभ गुप्ता कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि रहे। यहां पर सुंदर तरीके से पूजा स्थल को सजाया गया था। विधि विधान से पूजा अर्चना की गई।
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छठ महापर्व
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ में सोलह श्रृंगार कर व्रती महिलाएं फलों और सब्जियों से भरी टोकरी लेकर परिवार के सभी सदस्यों के साथ पंडालों तक पहुंचीं। पूजन पंडालों और मेला स्थलों को रंगीन लाइटों से सजाया गया। पंडालों में डीजे, ढोल बजाए जा रहे थे। पूजन स्थलों पर महिलाओं ने कुंड के सामने धूप, दीप जलाए। छठ मैया की कथा पढ़ी गई।
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छठ महापर्व की तस्वीरें
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर में छठ पूजा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने छठ मइया की पूजा की। शाम के समय डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। अलमासपुर, मंसूरपुर और मोरना में उपासना की गई।
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छठ महापर्व मनाती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
शामली में छठ पर्व पर महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा की। हनुमान धाम के शिव सरोवर के पास सामूहिक पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने छठ के गीत गाए और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
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छठ महापर्व
- फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में छठी मैया का 36 घंटे निर्जला व्रत रख कुछ इसी तरह के धार्मिक गीतों के साथ व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया और परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। सोमवार सुबह व्रती उगते सूरज को अर्घ्य देकर जल व अन्न ग्रहण करेंगे।