बागपत में एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटना के बाद चार परिवार एक झटके में बिखर गए। मृतक चारों छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहते थे, लेकिन कुदरत को कुछ ओर ही मंजूर था। घटना की सूचना पर मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंचे। इस दौरान मृतकों के परिजन शवों को देख बिलखते रहे। अगली स्लाइडों में देखिए हादसे की तस्वीरें:-
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अस्पताल में भर्ती घायल आंचल
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के फरीदाबाद निवासी मृतक छात्रा करिश्मा के पिता नरेंद्र छाबड़ा मारुति कंपनी में कर्मचारी हैं। चाचा संजय छाबड़ा ने बताया कि करिश्मा के कोई भाई नहीं है। उसकी बड़ी बहन कनिका सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। करिश्मा हर रोज सुबह सात बजे अपने परिवार से बात करती थी, लेकिन मंगलवार को उसने किसी से बात नहीं की। मोर्चरी पर मृतक छात्रा करिश्मा की मां रजनी, उसके पिता नरेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर कार हादसा
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रामपुर जनपद के केमरी गांव निवासी छात्रा मोहम्मद शोएब के पिता मोहम्मद साबिर का पेट्रोल पंप हैं। चाचा फईम अहमद ने बताया कि मृतक शोएब तीन भाई-बहन थे। वह सबसे बड़ा था।
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मृतक व घायलों के फाइल फोटो
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राजस्थान के सूरतगढ़ निवासी अभिषेक सोनी के पिता बिजनैस मैन है। चाचा गौरव सोनी ने बताया कि मृतक का छोटा भाई भी एमबीबीएस डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहा है। वह हमेशा कहता था कि डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करनी है।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
यूनिवर्सिटी में भी गम
शारदा यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज, नोएडा से आए प्रोफेसर डॉ. संजीव ने बताया कि चारों स्टूडेंट की मौत पर कॉलेज में गम का माहौल है। कॉलेज स्टाफ सड़क दुर्घटना से दुखी है। उन्होंने बताया कि चारों स्टूडेंट मेधावी थे। मोर्चरी से पोस्टमार्टम के लिए शारदा यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज, नोएडा की चार एंबुलेंस में छात्रों के शवों को परिजन घर लेकर चले गए।