बवालियों ने पत्थरबाजी के दौरान डिवाइडर तोड़कर जहां ईंटों से पथराव किया। वहीं, लोहे की ग्रिल तक उठा ले गए। जिससे नगर निगम और एमडीए को लगभग दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई बवालियों से होगी या फिर सरकारी खजाने से खर्च किए जाएंगे, इस पर अभी कोई विभाग बोलने को तैयार नहीं है। आगे तस्वीरों में देखें आखिर कैसे बवालियों लने पुलिस पर पथराव करने के लिए ईंटे निकालने के लिए डिवाइडर तक तोड़ डाले -
तस्वीरें: पत्थर नहीं मिले तो ईंटे निकालने को बवालियों ने जमकर तोड़े डिवाइडर, करोड़ों का नुकसान
हापुड़ रोड के डिवाइडर को लेकर तो नगर निगम और एमडीए में भी खींचतान चल रही है। शनिवार को एमडीए के किसी भी अधिकारी व कर्मचारी ने डिवाइडर की स्थिति का जायजा लेना भी गवारा नहीं समझा।
एमडीए ने हापुड़ अड्डा चौराहा से एल ब्लॉक शास्त्रीनगर तक तीन साल पहले रोड पर डिवाइडर बनवाया था। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव करने के लिए शंभुदास गेट नौचंदी मैदान से कमेला पुलिस चौकी तक लगभग दो किमी डिवाइडर को उखाड़ फेंका।
जहां टूटी ईंटों का प्रयोग पुलिस से टकराव के दौरान किया गया। वहीं उपद्रवी डिवाइडर से लगी ग्रिल का लोहा उठाकर अपने घर ले गए। शनिवार को भी डिवाइडर से उखाड़ी गई काफी ग्रिल सड़क पर ही पड़ी रही। अनुमान लगाया जा रहा है कि इससे सरकारी खजाने को डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है।
उधर, भूमिया पुल से लिसाड़ी रोड पर भी बवाल के दौरान उपद्रवियों ने डिवाइडर तोड़ दिया। लगभग 300 मीटर डिवाइडर को तहस नहस कर दिया गया। डिवाइडर पत्थरों में तब्दील हो गया। वहीं लोहे की ग्रिल भी लोग उठाकर ले गए। अगर नए डिवाइडर की लागत और तोड़े गए डिवाइडर पर खर्च धन की बात करें तो लगभग 50 लाख बैठेगा। कुल मिलाकर एक ही दिन के बवाल में केवल डिवाइडर तोड़फोड़ करके दो करोड़ का नुकसान किया गया।