किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर बुधवार को भाकियू नेताओं ने काला दिवस मनाया। उत्तर प्रदेश के बागपत में दिल्ली-सहारनुपर हाईवे स्थित राष्ट्र वंदना चौक पर काले झंडे लहराते हुए प्रदर्शन किया। ट्रैफिक रोककर कृषि बिल की प्रतियां जलाईं। जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर और युवा इकाई के जिलाध्यक्ष हिम्मत सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन के दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
काला दिवस : काले कपड़े पहने, काले झंडे लहराए, जाम लगाया, कृषि बिल की प्रतियां जलाईं
कई गांवों में पंचायत कर लहराए काले झंडे
कृषि कानून बिल के विरोध में किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर किसानों ने ढिकौली, औगटी, पांची, पटौली, नंगलाबड़ी गांवों में पंचायत कर केंद्र सरकार के खिलाफ झंडे लहराए।
ढिकौली में संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर हुई बैठक में एडवोकेट सोमेंद्र ढाका ने कहा कि पिछले छह माह से किसान कृषि बिल के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। सरकार तत्काल कृषि बिल वापस ले।
काला दिवस मनाकर एसओ को सौंपा ज्ञापन
अमीनगर सराय में हिसावदा गांव में किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारियों ने कृषि कानून के विरोध में सरकार के खिलाफ काला दिवस मनाया। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार को तीनों कृषि बिलों को वापस लेना होगा व न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाना ही होगा।
इस मौके पर अन्नू मलिक ने अपने आवास पर ही कार्यकर्ताओं के साथ एसओ सिंघावली अहीर को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर उनके साथ वरुण शर्मा, अवध प्रताप एडवोकेट, मासूम अली एडवोकेट, प्रयाग राणा, लोकेश राणा, बाबा आजाद मलिक, जितेंद्र मलिक मौजूद रहे।
भाकियू नेताओं ने झंडे लहराकर मार्ग जाम किया
दोघट में कृषि बिल वापसी को लेकर किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने पुसार बस स्टैंड पर राजेंद्र चौधरी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के खिलाफ काले झंडे लहराकर बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग जाम किया। वहीं कई गांव में किसानों ने काले झंडे अपने वाहनों पर बांधकर विरोध किया।