कुख्यात योगेश भदौड़ा के साथी अक्षय की हत्या में बड़ा खुलासा, इसलिए हुआ मर्डर, गैंगवार की आशंका
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कंकरखेड़ा पुलिस ने जांच के दौरान मगनवीर उर्फ लाला उर्फ धनी जाट पुत्र कृष्णपाल निवासी रतौली थाना सरधना को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मंगनवीर ने अक्षय की हत्या करना बताया।
उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने गर्वित चौधरी उर्फ राजा पुत्र अरविंद उर्फ बिट्टू और निशांत उर्फ गोलू पुत्र धर्मवीर निवासी गढ़ी दबथुवा को भी गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया।
एसएसपी ने बताया कि अगस्त 2016 में निशांत उर्फ गोलू के चाचा कुसुमवीर की गांव के हैप्पी ने हत्या कर दी थी। निशांत उर्फ गोलू को मारने की धमकी देकर हैप्पी गायब हो गया था।
कुछ दिन बाद हैप्पी के दोस्त चंडीगढ़ जेल में बंद नीरज उर्फ चीता निवासी अट्टा चिंदौड़ी ने निशांत उर्फ गोलू को मेसेज से जानकारी दी कि उसने हैप्पी को रास्ते से हटा दिया है। अब वह उसके लिए दो लाख रुपये पहुंचा दे। निशांत ने पैसे देने से मना कर दिया।
इसके बाद नीरज बार-बार निशांत उर्फ गोलू को धमकी देने लगा। निशांत ने अपने दोस्त मगनवीर और गर्वित चौधरी को इसकी जानकारी दी। मगनवीर ने निशांत को भरोसा दिलाया कि वह योगेश भदौड़ा गैंग के सदस्य अक्षय मलिक से कहकर उसका नीरज से पीछा छुड़वा देगा।
वह मेरठ जेल में पुलिस कस्टडी में नितिन गंजा की हत्या कर चुका है। कुछ दिन बाद अक्षय मलिक ने निशांत को बताया कि अब नीरज उसे कभी परेशान नहीं करेगा। लेकिन अक्षय ने निशांत से खर्चे के लिए कुछ पैसों की मांग कर दी। निशांत ने अक्षय को मना कर दिया।
अक्षय ने निशांत को मारने की धमकी दे दी। आए दिन धमकी दी जाने लगी। निशांत ने मगनवीर और गर्वित को इसके बारे में बताया तो तीनों ने अक्षय मलिक को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। योजना के तहत शराब पीने के लिए तीनों अक्षय मलिक को पावली खुर्द के जंगल में ले गए और गोली मारकर हत्या कर दी।
मगनवीर के मोबाइल फोन से पुलिस को काल डिटेल्स मिली हैं, जिसमें 10 जनवरी को अक्षय मलिक और मगनवीर के बीच छह बार बात होना सामने आया है। उसी दिन इनके द्वारा अक्षय मलिक की हत्या की गई थी।