मेरठ के इंचौली पुलिस व स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मंगलवार को खरदौनी निवासी गैंग सरगना गैंगस्टर इमरान के घर पर छापा मारकर तमंचा निर्माण फैक्ट्री पकड़ी। पुलिस ने सरगना के अलावा खेड़ी गांव निवासी कुलदीप, अंदावली निवासी नरेंद्र, व दौराला के मटौर गांव निवासी उमंग ठाकुर को गिरफ्तार किया था। बीसीए का छात्र मटौर गांव निवासी उमंग ठाकुर उर्फ देवा पहले आरोपी सरगना से शौक में रखने के लिए तमंचा खरीदने गया था। लेकिन वह हथियार तस्कर बन गया।
UP: बीसीए छात्र ने शौक में खरीदा तमंचा, बन गया हथियार तस्कर, सोशल मीडिया से चल रहा था मौत का कारोबार
मेरठ में पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के दो बड़े गिरोहों का खुलासा किया है। बीसीए छात्र समेत कई आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए तमंचे और पिस्टल की डील करते थे।
आरोपी सरगना ने घर के अंदर चल रही अवैध फैक्ट्री में अलमारी बनाकर उसमें तहखाना बना रखा था। आरोपियों के पास से पुलिस को पांच तमंचे, नौ कारतूस व हथियार बनाने का उपकरण बरामद हुए थे। आरोपी मेरठ के अलावा आसपास के जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहे थे। आरोपी दस दिन से हथियारों की तस्करी कर रहे थे।
पुलिस गैंग में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। इमरान पर दिल्ली में भी हथियार तस्करी की प्राथमिकी दर्ज है। एसपी देहात का कहना है कि आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।
यह भी पढ़ें: CM Visit: देवबंद में आज सीएम का सियासी शक्ति प्रदर्शन, जनसभा स्थल पर जुटी भीड़, कलक्ट्रेट में विरोध का एलान
छह से 10 हजार में बेचता था तमंचा
आरोपी नरेंद्र व कुलदीप हथियार बेचने के नाम पर लोगों से डील करते थे। वहीं छात्र उमंग भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संपर्क करता था। उमंग छह हजार से 10 हजार रुपये तक में तमंचा बेचता था। पुलिस आरोपी छात्र की कुंडली खंगाल रही है कि उसने कितने लोगों को तमंचा बेचा है। पुलिस मामले को लेकर छात्र के मोबाइल की जांच कर रही है।
फोटो दिखाकर करते थे सौदा, अन्य तस्करों की तलाश
कोतवाली पुलिस ने अंतरजनपदीय अवैध शस्त्र सप्लाई गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कोतवाली निवासी गैंगस्टर सलमान और हापुड़ निवासी समीर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 32 बोर की तीन पिस्टल, 315 बोर के तीन तमंचे व एक कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने दोनों को जेल दिया। आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से हथियारों की तस्करी करते थे। आरोपी सलमान कुछ दिन पूर्व जेल भेजे गए तस्कर असलम से हथियार खरीदता था। पुलिस आरोपियों के गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बुधवार को पुलिस लाइन में बताया कि पुलिस मंगलवार को खत्तों के पास चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को दो युवक संदिग्ध अवस्था में खड़े दिखाई दिए। पुलिस टीम ने मौके से सलमान और समीर को चेकिंग के रोक लिया। आरोपियों के पास तीन पिस्टल, तीन तमंचे व एक कारतूस बरामद हुए। जांच में सामने आया सलमान मुरादनगर थाने का गैंगस्टर रह चुका है, अवैध हथियारों की खरीद कर समीर को सप्लाई करता था।
समीर इन्हें हापुड़ क्षेत्र में आगे बेचता था। दोनों आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैपचैट, व्हाट्सएप और फेसबुक के जरिए हथियारों की फोटो भेजकर सौदा तय करते थे। पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी तमंचों को 6 हजार से 15 हजार रुपये तक और पिस्टल को 20 हजार से 50 हजार रुपये तक में बेचते थे। गिरफ्तारी के समय दोनों के बीच हथियारों की डील चल रही थी। मुख्य आरोपी सलमान पर पहले से ही कई आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं।
हर्ष फायरिंग को लेकर भी पुलिस लगातार नजर बनाई हुई है। ज्यादातर अवैध हथियारों से हर्ष फायरिंग होती है। एसपी सिटी का कहना है कि पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।