यूपी के देवबंद से पकड़े गए जैश ए मोहम्मद के दोनों आतंकियों शहनवाज तेली और आकिब की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गईं हैं। वहीं दोनों आतंकियों से लगातार जानकारी इकट्ठा की जा रही है। जैश के तार यूपी में और कहां कहां जुड़े हैं इसका पता निकालने में भी सुरक्षा एजेंसियां जुटी हुई हैं। हाल ही में एटीएस द्वारा इन आतंकियों से जुड़े कई बड़े खुलासे किए गए। वहीं यह बात भी सामने आ रही है कि यदि इनमें से एक आतंकी का मोबाइल खराब नहीं होता तो ये आतंकी कभी पकड़ में ही नहीं आते :-
2 of 7
आतंकी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
शहनवाज तेली और आकिब की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पुलवामा हमले के मास्टरमाइड रहे आदिल और कामरान गाजी का यूपी कनेक्शन भी खंगालना शुरू कर दिया है। ऐसा पहली बार नही है जब यूपी के सहारनपुर से आतंकी कनेक्शन सामने आया हो बल्कि पहले भी एटीएस और एनआईए यहां गिरफ्तार कर चुकी हैं। यही कारण है कि दीनी तालीम का गढ़ माना जाने वाला देवबंद हर वक्त खुफिया एजेंसियों के रडार पर रहता है।
3 of 7
आतंकी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों की मानें तो एटीएस का कहना है कि गिरफ्तार आतंकियों के पकड़े जाने की एक बड़ी वजह उनका मोबाइल रहा। बताया जा रहा है कि आतंकी शहनवाज तेली ने अपना मोबाइल खराब होने की वजह से देवबंद के एक रिपेयरिंग सेंटर पर दिया था। इस दौरान मोबाइल मकैनिक ने मोबाइल ठीक करते वक्त मोबाइल में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं।
4 of 7
आतंकी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
मोबाइल मकैनिक ने मदरसे के ही छात्र के जरिए मोबाइल मालिक का पता लगाया जिसके बाद एटीएस तक बात पहुंच गई। हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है यह नहीं कहा जा सकता है लेकिन शहनवाज पहले से ही एटीएस के रडार पर था। मोबाइल ठीक होते ही एटीएस सक्रिय हो गई और आतंकी शहनवाज के गिरेबां तक जा पहुंची।
5 of 7
आतंकी गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार शहनवाज जिस हॉस्टल में ठहरा हुआ था उसके मकानमालिक से उसने कहा कि उसे अपनी बहन की शादी के लिए कुछ सामान लेना है और उसे कुछ दिन के लिए यहां रहना है। गुरुवार को जब एटीएस इनके ठिकाने पर पहुंची तो शहनवाज और आकिब अपने कमरे पर ही थे जहां उन्होंने शाम के वक्त पार्टी के लिए अपने एक दोस्त को भी बुलाया हुआ था। यहां देर रात को एटीएस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।