राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल पीएफआई के सदस्यों ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि उन्होंने केरल के मंजीरी में हथियार चलाने और गोरिल्ला युद्ध का प्रशिक्षण लिया। गजवा-ए-हिंद की पुस्तकें भी पढ़ीं। उनका मकसद प्रदेश और देश की शांति व्यवस्था बिगाड़कर हिंसक घटनाओं को अंजाम देना था। उनके प्रमुख निशाने पर योगी सरकार है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर सहित अन्य जिलों में नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिली हैं। इनके आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
Arresed: केरल में हथियार चलाने की ट्रेनिंग, पढ़ीं गजवा-ए-हिंद की किताबें, PFI सदस्यों से पूछताछ में हुए खुलासे
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युवाओं को भड़काकर पीएफआई से जोड़ने की कोशिश
आरोपियों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें देश में आतंकी और आईएसआई संगठन से जुड़कर हिंसक घटनाओं के लिए प्रेरित किया जाता है। सभी पीएफआई से जुड़े लोगों का मकसद होता है कि देश में शांति व्यवस्था बिगाड़ना है। सीएए और एनआरसी के बारे में गलत तथ्य पेश कर युवाओं को पीएफआई से जोड़ने की कोशिश की जाती रही है।
जागृति विहार के बंद फ्लैट में छापा, कई किताबें बरामद
आरोपी इस्लाम के मुताबिक एटीएस ने मेडिकल थानाक्षेत्र के जागृति विहार में एक बंद पड़े फ्लैट में छापा मारा। जहां से काफी संख्या में किताबें और अन्य प्रचार सामग्री बरामद कीं। बताया गया कि किताबों में देश विरोधी बातें लिखी थीं। ये किताबें एक समुदाय के युवकों को निशुल्क दी जाती हैं। कुछ अन्य जगहों से भी इस तरह की सामग्री मिली है।
रिश्तेदार के यहां छिपा मुनीर हो गया फरार
पीएफआई का सदस्य मुजफ्फरनगर का मुनीर मेरठ घंटाघर स्थित एसपी सिटी ऑफिस के पीछे मकसूद चौक मोहल्ले में अपने रिश्तेदार के यहां छिपा था। गुरुवार को एटीएस-एनआईए ने उसकी तलाश में छापा मारा था। वह फरार हो गया था। उसकी तलाश में एटीएस ने अभी मेरठ में डेरा डाला हुआ है। नोएडा और मेरठ एटीएस की संयुक्त टीम अन्य जगहों पर भी दबिश दे रही है।