अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स एवं वनुली बोनसाई स्टडी ग्रुप मेरठ के सौजन्य से रविवार को वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें सर्जन डॉ. शांति स्वरूप ने बोनसाई के संबंध में जानकारी दी। प्रोजेक्ट व तस्वीरों के जरिए पहले बोनसाई का इतिहास व जन्म बताया। इसके बाद बोनसाई की वायरिंग, स्प्रे, रखरखाव का डेमो भी दिया गया। इसमें शहर के लोगों ने उत्साह से हिस्सा लिया और अपनी जिज्ञासा शांत की।
अमर उजाला वेबिनार: लोगों ने उत्साह से लिया हिस्सा, डॉ. शांति स्वरूप ने बताया बोनसाई का इतिहास, तस्वीरें
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बोनसाई बनाने के लिए किसी विशेष पौधे की जरूरत नहीं है। किसी भी पौधे से बोनसाई बना सकते हैं। बस थोड़ा धैर्य और मेहनत चाहिए। क्योंकि बोनसाई पौधे तेजी से विकसित नहीं होते, बल्कि इन्हें धीरे-धीरे तैयार करना पड़ता है। आकार देना पड़ता है। कोरोना काल में खुद को व्यस्त रखने और तनाव व अवसाद से दूर रहने के लिए जरूरी है कि पौधों के साथ थोड़ा वक्त बिताया जाए। गार्डनिंग को और बेहतरीन बनाने की यह जानकारी शहर की महिलाओं को दी गई।
इमली के बोनसाई का रखें विशेष ख्याल
डॉ. स्वरूप ने बताया कि इमली के फारेस्ट या बोनसाई को बनाते समय विशेष ध्यान रखें। इमली ऐसा पौधा है जो जाड़े में स्वत: अपनी पत्तियां नीचे गिरा देता है। जाड़े में इमली के बोनसाई का खास ख्याल रखें। इसमें कम से कम पानी दें और धूप का भी ध्यान रखें ताकि अधिक नमी के कारण पौधा खराब ना हो, क्योंकि इमली की प्रवृत्ति स्वयं नमी वाले पौधे की है।
छुईमुई का भी बोनसाई
डॉ. शांति स्वरूप ने बताया कि छुईमुई से लेकर गूलर, बरगद, आम, नीम, जामुन, संतरा, नींबू किसी भी फल, सब्जी या सामान्य प्रजाति के पौधे को हम बोनसाई में तब्दील कर सकते हैं। पौधे की समय पर वायरिंग, मिट्टी-पानी और धूप का ख्याल रखते रहें। दुनिया में 1000 साल पुराने बोनसाई भी उपलब्ध हैं जो विदेशों में संग्रहालय में रखे हैं। बोनसाई की उम्र को लेकर कुछ भी कहना मुश्किल है। ठीक से ख्याल रखें तो बोनसाई लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं। बोनसाई के लिए हमेशा फैले हुए बर्तन या गमले का प्रयोग करें, जिसमें मिट्टी अच्छे से रखी जा सके और प्लांट चारों तरफ ग्रोथ कर सके।
मिट्टी ऐसी जो पानी न रोके
डॉ. शांति स्वरूप ने बताया कि बोनसाई पौधे के लिए मिट्टी का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। ऐसी मिट्टी प्रयोग करें, जिसमें पानी ना रुके अन्यथा जो मिट्टी पानी रोकेगी, वह जड़ों को गला देगी और बोनसाई नष्ट हो जाएगा।