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दिव्यांग प्रदीप के हौसले को सलाम... पहले 14 साल तक खुद से लड़े, फिर जीते 11 मेडल, तस्वीरें बयां कर रहीं दास्तां

Mon, 12 Oct 2020 01:14 PM IST
कपिल kapil वाहिद अली, अमर उजाला, मेरठ
वाहिद अली, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Mon, 12 Oct 2020 01:14 PM IST
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Amar Ujala Special Report: Divyang Pradeep Kumar has won 11 medals in state and national level competitions
खिलाड़ी प्रदीप कुमार - फोटो : अमर उजाला

मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो दुनिया की कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती है। पैरा खिलाड़ी प्रदीप यादव ने भी कुछ ऐसी ही मिसाल कायम की है। 14 साल बिस्तर पड़े रहने के बाद प्रदीप ने खेलों में हाथ आजमाया। बीते तीन सालों में अपनी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगितों में 11 मेडल जीते हैं। हाल ही में उन्होंने पैरा ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई किया है।

Amar Ujala Special Report: Divyang Pradeep Kumar has won 11 medals in state and national level competitions
खिलाड़ी प्रदीप कुमार - फोटो : अमर उजाला

मूलरूप से मुरादनगर के सुठारी गांव निवासी 39 वर्षीय प्रदीप यादव के शरीर के नीचे का आधा हिस्सा बेजान है। 12 अप्रैल 2003 की एक घटना ने प्रदीप को दिव्यांगता का दंश दे दिया। मुरादनगर के भरे बाजार में एक लड़की के साथ छेड़छाड़ का विरोध करने पर शोहदों ने प्रदीप को गोली मार दी। गोली रीढ़ की हड्डी में लगी। उपचार के बाद प्रदीप की जान तो बच गई, लेकिन वह बिस्तर पर आ गए। 

Amar Ujala Special Report: Divyang Pradeep Kumar has won 11 medals in state and national level competitions
खिलाड़ी प्रदीप कुमार - फोटो : अमर उजाला

14 साल बिस्तर पर रहने के बाद 2017 में प्रदीप ने नई शुरुआत की। उन्होंने कैलाश प्रकाश स्टेडियम में गोला फेंक, डिस्कस और जेवलिन में हाथ आजमाना शुरू किया। गौरव त्यागी और मोदीनगर निवासी कोच कृष्ण कुमार पालीवाल ने उनका मार्गदर्शन किया। मात्र तीन साल में प्रदीप ने पैरा खेलों में खुद को साबित किया और 11 पदक जीते।

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Amar Ujala Special Report: Divyang Pradeep Kumar has won 11 medals in state and national level competitions
खिलाड़ी प्रदीप कुमार - फोटो : अमर उजाला

नौकरी चली गई, पत्नी ने भी छोड़ा साथ
पांच मार्च 2003 को प्रदीप की शादी हुई थी। हादसे के बाद उनकी नौकरी चली गई। छह माह के भीतर पत्नी ने भी साथ छोड़ दिया। माता-पिता, भाई-भाभी ने उनका ख्याल रखा। प्रदीप का कहना है कि जीवन में जब सब कुछ खत्म हो जाता है, तब हमारे पास खोने को कम और पाने के लिए बहुत कुछ होता है। तीन साल से गंगानगर में किराए पर रह रहे प्रदीप ने सरकार से पैरा खिलाड़ियों की आर्थिक मदद करने की अपील की है।

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Amar Ujala Special Report: Divyang Pradeep Kumar has won 11 medals in state and national level competitions
खिलाड़ी प्रदीप कुमार - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश स्तर पर प्रदर्शन
खेल              पदक        वर्ष 

गोला फेंक     3 स्वर्ण    2017,18,19
डिस्कस थ्रो    3 स्वर्ण    2017,18,19
जेवलिन थ्रो     3 स्वर्ण    2017,18,19

राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन
खेल             पदक    वर्ष  

जेवलिन        1 रजत    2018       
गोला फेंक    1 रजत    2018

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