कोई व्यक्ति आय से अधिक संपत्ति अर्जित कर निर्माण कराता है तो लोगों की निगाह उधर जरूर चली जाती है। ऐसा ही कारनामा किया है हस्तिनापुर के थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने। सवा दो साल से एक ही थाने में जमे धर्मेंद्र सिंह ने न केवल अकूत संपत्ति अर्जित की है, वरन पद का भी दुरुपयोग किया है। थानाध्यक्ष का दो बीघे में आलाशीन फार्म हाउस और उसमें एशो आराम के लिए स्वीमिंग पूल है। इसके अलावा एक मॉडल कॉटेज बनी हुई है। अमर उजाला ने इसका खुलासा किया है। आगे जानिए पूरी रिपोर्ट-
एक्सक्लूसिव: थानाध्यक्ष का आलीशान फार्म हाउस, स्वीमिंग फूल... एसी कमरे और खूबसूरत लॉन, देखिए तस्वीरें
इससे पहले सीओ जितेंद्र सरगम ने बागपत में कबड्डी के स्टेडियम की नींव रखी थी। वह भी सवालों के घेरे में आ गए थे, जिस कारण उनका तबादला कर दिया गया। कार्रवाई के बाद भी पुलिस अधिकारी सीख नहीं ले रहे हैं।
थानाध्यक्ष ने द्रौपदी घाट के नजदीक घने जंगल में खेतों के बीच दो बीघे में आलीशान फार्म हाउस बनवाया है। फार्म हाउस की चौबीसों घंटे रखवाली के लिए थाने के एक सिपाही और एक होमगार्ड को भी तैनात किया गया है। एशो आराम के लिए फार्म हाउस में स्वीमिंग पूल और एक मॉडल कॉटेज बनी है। कमरों में एसी भी लगाए गए हैं। यहां खाने-पीने की भी पूरी व्यवस्था है।
20 जून, 2018 को सिंह को हस्तिनापुर थाने का चार्ज दिया गया था। करीब सवा दो साल से वह यहीं तैनात हैं। सिंह की अब तक की नौकरी का अधिक समय मेरठ जनपद और मेरठ रेंज में ही गुजरा है।
नियम-कानून को ठेंगे पर रख दिया
फार्म हाउस के चारों तरफ कृषि भूमि है, जहां पर किसान खेती करते हैं। इसे बनाने के लिए कई हरे पेड़ काटे गए हैं। फार्म हाउस के आसपास चहारदीवारी बना दी गई है, जबकि नियमानुसार जंगल में आवासीय निर्माण नहीं किया जा सकता है। यही नहीं, कृषि भूमि पर बाउंड्रीवाल भी नहीं बनाई जा सकती है।
पत्नी के नाम से खरीदी गई जमीन
थानाध्यक्ष ने फार्म हाउस बनाने के लिए पत्नी कल्पना सिंह के नाम से जमीन खरीदी है। वर्तमान में बाजार में इस जमीन की कीमत 75 लाख रुपये है। करीब 20 लाख रुपये लगाकर आलीशान फार्म हाउस बनाया गया है। फार्म हाउस को लेकर स्थानीय लोगों ने पुलिस अधिकारियों से शिकायतें भी कीं लेकिन, कोई नतीजा नहीं निकला।