मेरठ के शताब्दीनगर में रहने वाले 62 वर्षीय जीवन सिंह बिष्ट ने अपने जुनून से घर को अनूठा संग्रहालय बना लिया है। उन्होंने पुराने से लेकर अब तक के 13000 डाक टिकट, एक से 100 पैसे तक के सिक्के, 310 तरह की ताश की गड्डियां, 825 फाउंटेन पेन जैसी सामग्रियों को जुटाया है। उनके पास एक से 250 रुपये और इससे भी महंगे पेन हैं। उन्होंने घर की दीवारों पर सिक्कों को चिपकाया है तो अन्य संकलित चीजों को भी संग्रहालय के रूप में सजाया है।
अमर उजाला एक्सक्लूसिव: जीवन ने जुनून से घर को बना दिया संग्रहालय, तीस साल से संजो रहे दुलर्भ चीजें
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आयकर विभाग में वह 1983 में नियुक्त हुए। वर्ष 1991 से उन्होंने यह काम शुरू किया। उन्होंने दिल्ली, मेरठ, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में जाकर प्रदर्शनी, मेलों और अन्य जगहों से ऐसी चीजों को इकट्ठा किया। वह लगातार 30 वर्ष से नायाब किस्म की चीजों को जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका दावा है कि उनके पास 13 हजार अलग-अलग तरह के डाक टिकट हैं। वहीं, 1940 के बाद के ज्यादातर सभी डाक टिकट उपलब्ध हैं। सरकारी कामकाज में प्रयोग होने वाले टिकटों को तो अलग दीवार पर सजाया है। रसीदी टिकट, पोस्ट कार्ड और अलग-अलग लिफाफों का भी संग्रह है।
अमर उजाला की 29 साल की खबरों का एलबम
जीवन ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1992 से 2022 के बीच हुई बड़ी घटनाओं से जुड़ी अमर उजाला की खबरों वाला एलबम तैयार किया है। इसका वजन करीब 11 किलो है। इसमें ऐतिहासिक, राजनीतिक, खेल, अपराध, प्राकृतिक आपदा सहित अन्य घटनाओं का उल्लेख है।
10 इंच की सबसे बड़ी सीपी
इस घर में सीपियों का भी संग्रह किया गया है। एक मिमी से 10 इंच तक की डेढ़ लाख सीपी उपलब्ध हैं।