सात साल पहले गो तस्करी में उतरे अकबर बंजारा ने 300 करोड़ से ज्यादा की संपति अर्जित कर ली। सोमवार को अकबर बंजारा और उसके भाई सलमान को असम पुलिस ने ढेर कर दिया। पीरू बंजारा गांव-गांव में घूमकर पशुओं की खरीद-फरोख्त करता था। उसके पांच बेटे थे, जिनको इसी काम में लगाया था। तीसरे नंबर का बेटा अकबर बंजारा सिर्फ सात साल में ही अरबपति बन बैठा।
अकबर बंजारा मुठभेड़: पिता ने जिंदगी भर गांव-गांव से पशु खरीदे, बेटा सात साल में बन बैठा अरबपति, मौत के बाद खुले कई बड़े राज
काली कमाई का प्रापर्टी में निवेश करता था अकबर
अंतराष्ट्रीय गोतस्कर अकबर बंजारा ने तीन साल पहले शास्त्रीनगर में आलीशन कोठी खरीदी, लिसाड़ीगेट में दो मार्केट बनाई, बिजनौर और बहसूमा में जमीन खरीदी है। वह 39 बीघा जमीन का बैनामा कराने की थी तैयारी में लगा हुआ था। पुलिस उसकी संपत्तियों की तलाश में जुटी है।
पुलिस का दावा है कि सात साल पहले गो-तस्करी में उतरे बंजारा की करीब 300 करोड़ संपत्ति जांच में सामने आई है। बुधवार पुलिस ने उसकी संपत्ति के बारे में देहात इलाके से जानकारी ली। जिसमें पता चला कि अकबर बंजारा ने बहसूमा में 58 बीघा आम का बाग खरीदा था।
पास में ही 39 बीघा बाग खरीदने के लिए भी अकबर बंजारे ने बयाना भी दिया हुआ है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि तीन साल से अकबर लगातार जमीन खरीद रहा है। तीन साल पहले शास्त्रीनगर आरटीओ के पास सेक्टर-10 में दो करोड़ में एक आलीशन कोठी खरीदी।
लिसाड़ीगेट में 100 फुटा रोड फतेहउल्लापुर में दो मार्केट बनाई। जिसमें एक मार्केट में सात दुकान और दूसरी मार्केट में 5 दुकानें बनी है, जोकि किराये पर चलती है। इसके अलावा भी लिसाड़ीगेट में उसके कई प्लाट बताए हैं।
बंजारे की कार से चलता था प्रॉपर्टी डीलर
अकबर बंजारे की बहसूमा में रहने वाले एक प्रॉपर्टी डीलर से दोस्ती थी। यह प्रॉपर्टी डीलर ही बंजारे को जमीन की खरीद-फरोख्त कराता था। अकबर ने छह महीने से उक्त प्रॉपर्टी डीलर को अपनी कार दी थी। यह कार अकबर बंजारे के नाम है और उसका रजिस्ट्रेशन लखनऊ का है।