मेरठ में छात्रा अनुष्का को गोली मारने वाला आदित्य प्रधान को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आदित्य हथियारों का बड़ा सप्लायर था। सरूरपुर थाना पुलिस ने उसे चार महीने पहले पांच पिस्टल के साथ पकड़ा था। जिसको पुलिस ने जेल भेज दिया था। इसके साथ ही उसके खिलाफ लोहियानगर में जुर्रानपुर में फायरिंग करने का भी मामला दर्ज है। इसमें भी वह जेल गया था।
इसके खिलाफ कंकरखेड़ा थाने की पुलिस ने हिस्ट्रीशीट खोली थी। आरोपी के खिलाफ आठ केस दर्ज हैं। आदित्य प्रधान को पिस्टल किसने मुहैया कराई, इसकी जांच के आदेश एसएसपी अविनाश पांडेय ने एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले को दिए हैं। पुलिस के अनुसार, आदित्य प्रधान कई पिस्टल अपने साथ रखकर चलता था। लोहियानगर के जुर्रानपुर में एक युवक पर गोली चलाई थी।
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अस्पताल में भर्ती घायल छात्रा अनुष्का, विलाप करते हिस्ट्रीशीटर के भाई
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बुधवार को उसने छात्रा को गोली मारने के बाद खुद गोली मारकर आत्महत्या कर ली। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि आरोपी के खिलाफ लूट का मुकदमा भी दर्ज है। इसको हथियार कहां-कहां से मुहैया हो रहे थे। इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस ने छात्रा और आदित्य दोनों की सीडीआर भी निकाल ली है। जिसकी स्वाट टीम पड़ताल कर रही है। पुलिस को मौके से सीसीटीवी फुटेज भी मिली है। जिसकी पड़ताल की जा रही है।
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कंकरखेड़ा की डिफेंस एंक्लेव कॉलोनी में मृतक हिस्ट्रीशीटर के परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ये कैसी सुरक्षा : बिना नंबर की बाइक से दो पिस्टल लेकर पहुंचे आरोपी ने की वारदात
मेरठ में कांवड़ यात्रा के अलर्ट के बावजूद दो अवैध पिस्टल लेकर लेकर बिना नंबर की बाइक से युवक पॉश कॉलोनी में पहुंच गया और उसने छात्रा की हत्या कर दी। इसके बाद खुद भी गोली मारकर खुदकुशी कर ली। इससे पॉश सोसाइटी और शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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हिस्ट्रीशीटर आदित्य प्रधान की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कांवड़ यात्रा को लेकर जिले भर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। कांवड़ मार्ग भी डिफेंस कॉलोनी से तीन सौ मीटर दूर है। पुलिस ने शहर में जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए हैं। प्रमुख चौराहों और मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके बावजूद आरोपी दो-दो अवैध पिस्टल लेकर बिना नंबर की बाइक से लेकर डिफेंस कॉलोनी पहुंचा।
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कंकरखेड़ा की डिफेंस एंक्लेव में हिस्ट्रीशीटर का भाई विलाप करता हुआ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उसे रास्ते में पुलिसकर्मियों ने रोककर चेकिंग तक नहीं की। पिस्टल आरोपी ने छिपा रखीं थीं लेकिन बाइक पर नंबर न होने के बावजूद उसे नहीं रोकना पुलिस सुरक्षा की लापरवाही बयां कर रहा है। डिफेंस एन्क्लेव में कई हाईप्रोफाइल लोग रहते हैं। इसके बावजूद यहां की सुरक्षा रामभरोसे है।