काले कपड़ों में एक लेडी स्कूल पहुंचीं तो उसके होठों पर गाली थी और हाथों में चाबुक। इतना ही नहीं बल्कि उसके साथ कई सारे लोग थे, जिनके हाथ में गन भी थी। इन लोगों ने पहले उन चारों लड़कियों को खोजा। एक लड़की को उस लेडी ने चाबुक से मारा। वो लड़की रोने लगी। दसूरी लड़की की बांह पकड़कर उसे गालियां दी। फिर उस लेडी ने हमारी मैम को भी मारा। मैम छिप गईं। इसके बाद वो लोग दूसरी लड़कियों को खोजने लगे।
होठों पर गाली... हाथों में चाबुक...यह बुर्के वाली मैडम जब स्कूल पहुंचीं तो मच गया कहर
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बताया जाता है कि वो लोग प्रिंसिपल और अध्यापकों का नाम लेकर गंदा-गंदा बोल रहे थे। हमारी दूसरी मैम ने और सारी क्लासेस के गेट जल्दी से बंद करवा दिए। फिर ये लोग क्लास से निकलकर बाहर गए और बोले कि हम दोबारा आएंगे। उन्होंने मैम को जलाने की भी धमकी दी। सर के साथ भी अभद्रता की। वो दोनों लड़कियां आज पेपर देने भी नहीं आई। वो लोग चले गए उसके बाद हमारा पेपर पूरा हुआ। ये दोनों लड़कियां अक्सर लेट आती हैं, मैम ने इनकी डायरी में भी लेट आने की कंप्लेन नोट की है। बीच में पुलिस भी पहुंची।
जिस लड़की को उस लेडी ने चाबुक से मारा उसके पापा को फोन करके बुलाकर घर भेज दिया। मैम भी अपने घर चली गई। एमपीजीएस में सुबह लगभग 30 से 40 मिनट तक पूरी घटना होती रही और आसपास के विद्यालयों को यहां तक की निकट के एमपीएस मेन विंग के स्टाफ को भी जानकारी नहीं मिली। कोई भी स्कूल में मदद को नहीं पहुंचा। पूरे मामले के बाद स्कूल की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। गार्ड और सुरक्षाकर्मियों के बीच भी स्कूल में छात्राएं सुरक्षित नहीं।
आठवीं सी छात्रा की क्लास टीचर शालिनी जैन के भाई रजनीश जैन ने बताया कि बहन चार सालों से इस स्कूल में पढ़ा रही है। कोई परेशानी कभी नहीं हुई। बेवजह उसे पूरे मामले में फंसाया जा रहा है। उसने उन छात्राओं से भी कुछ पूछताछ नहीं की थी। स्कूल से दस बजे शालिनी का फोन आया कि भइया मुझे ले जाओ, मैं उसे स्कूल से घर ले आया था।
दोनों छात्राएं स्कूल में आठवीं सी की छात्राएं हैं। क्लास टीचर शालिनी जैन ने बताया कि दोनों छात्राएं पहले दिन से ही स्कूल में लेट से आ रही हैं। इनके नाम लेट अटेंडेंस में दर्ज हैं। लेकिन छात्राओं से कोई मारपीट कभी नहीं की गई। शुक्रवार को दोनों छात्राएं स्कूल नहीं आई, सोमवार को छात्राएं अपने परिजनों को साथ लेकर स्कूल पहुंची। जब वो लोग स्कूल पहुंचे तो टीचर्स ने मुझे कहा कि मैं छुप जाऊं, मैं डेस्क के नीचे छिप गई इसके बाद घर पर फोन करके अपने भाई को बुलाया और घर चली गई थी। उसके बाद क्या होगा मुझे पता नहीं।
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