मेरठ में अमर उजाला टीम ने फिर से एक बड़ा स्टिंग किया है। इस बार भी एक ऐसे रिटायर्ड अफसर की पोल खुली है। जिसके बारे में जानकर पुलिस अधिकारी भी हैरान हैं। यहां रईसजादों की कोठियों में विदेशी लड़कियों का सौदा होता है...! आइए अगली स्लाइडों में बताते हैं पूरा सच-
आलीशान कोठियों में सेक्स रैकेट का बड़ा 'खेल', विदेशी लड़कियों का होता है सौदा, ये है पूरा सच
साकेत में एक सरकारी कर्मचारी की कोठी है, जहां लड़कियां आती हैं। कोठी में विदेश से भी लड़कियां आना बताया गया। यह धंधा आबूलेन स्थित अपनी कोठी में इंश्योरेंस कंपनी से रिटायर्ड अधिकारी ऑपरेट कर रहा है। रिपोर्टर आबूलेन पहुंचा और रिटायर्ड अधिकारी की कोठी का दरवाजा खटखटाया। करीब 60 साल के वृद्ध आए और कहा, अंदर आ जाओ। कोठी में दो महिलाएं और तीन साल का एक बच्चा था। बोले, कैसे आए हो। रिपोर्टर ने कहा, क्या है आपके यहां पर। रिटायर्ड अधिकारी ने कहा कि हमारे यहां सारी सुविधाएं हैं, जैसा चाहो, वैसा माल मिलेगा। बस फिर क्या था, वह रिपोर्टर को एक कमरे में ले गया, जहां लड़कियों की मानो नुमाइश लगी थी। इस बातचीत की वीडियो अमर उजाला के पास है।
कोठों से कोठियों तक...
बता दें कि मेरठ के रेडलाइट एरिया में 75 कोठे थे, जिनमें 400 सेक्सवर्कर थीं। पुलिस ने 45 कोठों से सेक्सवर्करों को भगाया और वहां अपने ताले लगाए। लेकिन सेक्सवर्करों के धंधे को चलाने वाली कोठा संचालिका और दलाल एक्टिव हैं। पड़ताल में पता चला कि कबाड़ी बाजार स्थित रेड लाइट एरिया बंद होने के बाद सेक्स वर्कर शहर और आसपास के जनपदों में फैल गई हैं। इन कोठियों पर भी ये सेक्स वर्कर पहुंच गई हैं।
वहीं हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी सेक्स वर्करों के बारे में पुलिस जानकारी नहीं जुटा पाई है। रिटायर्ड अधिकारी दलदल में फंसे कोठा संचालिका और दलालों के निशाने पर रिटायर्ड अधिकारी है। पॉश इलाके में कई अलग-अलग विभागों से रिटायर्ड हुए अधिकारी अपनी कोठियों में सेक्स रैकेट का धंधा चलवा रहे है। बताया गया है कि इनमें उनकी पत्नी भी लिप्त है।
नहीं किया पुनर्वास, बस निकाल दिया...
हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस प्रशासन ने रेडलाइट एरिया से कोठे खाली कराकर सेक्सवर्करों को वहां से भगा दिया, लेकिन उनके पुनर्वास के बारे में कुछ नहीं सोचा। इसका नतीजा यह रहा कि सेक्सवर्करों ने अलग-अलग पॉश इलाके में ठिकाना बना लिया।