{"_id":"69416cacb0d289612e07a381","slug":"yamuna-expressway-accident-passengers-burnt-alive-and-make-skeletons-horrifying-scene-2025-12-16","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Yamuna Expressway Accident: रूह कंपा देने वाला मंजर...जली गाड़ियां, अधजली लाशें और बसों में से निकले नर कंकाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Expressway Accident: रूह कंपा देने वाला मंजर...जली गाड़ियां, अधजली लाशें और बसों में से निकले नर कंकाल
Tue, 16 Dec 2025 08:01 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 16 Dec 2025 08:01 PM IST
सार
मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे के बाद का मंजर रूह कंपा देने वाला था। वाहनों में लगी आग बुझ गई थी। इसके बाद जो दृश्य दिखाई दिया, इसे देखकर लोगों की चीख निकल गई। कई वाहनों में शव कंकाल में तब्दील हो चुके थे। उन्हें बाहर निकलने तक का माैका नहीं मिला था।
विज्ञापन
मथुरा हादसा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे के बाद का मंजर रूह कंपा देने वाला था। पूरी तरह जल चुकीं बसों के ढांचों से पुलिस व फायर कर्मियों ने अधजली लाशें निकालीं। कई बसों में नर कंकाल ही निकल सके। माइलस्टोन 127 पर पानी और राख बिखरी पड़ी थी।
मथुरा हादसा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कंकाल में तब्दील यात्रियों से साफ है कि बसों में लगी आग इतनी भीषण हो गई कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। आग बुझाने का काम देरी से शुरू किया जा सका। अगर दमकलों ने जल्द आग पर काबू पा लिया होता यात्रियों के शव कंकाल में तब्दील नहीं होते। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि बसों में उठती आग की लपटों के कारण किसी को उनके पास जाने की हिम्मत नहीं हुई। फायर कर्मियों ने आग बुझाने के बाद ही अधजले शव और कंकाल ही निकाले।
मथुरा हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीएम और एसएसपी के पास आते रहे फोन
सड़क हादसे में घायल लोगों से मुलाकात करने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार उनसे हाल जान रहे थे। इसी बीच जिलाधिकारी के मोबाइल पर कॉल आई और वे बात करने के लिए वार्ड के बाहर एक कोने में चले गए। कुछ देर बाद उन्होंने फिर से घायलों से बात करना शुरु की, लेकिन ठीक पांच मिनट के बाद फिर से उनके मोबाइल पर कॉल आ गया। इस बार वे बात करने के लिए शौचालय में चले गए। बलदेव में हुए सड़क हादसे को लेकर मोबाइल पर कॉल आने का यह सिलसिला लगातार जारी रहा और हर बार वे जवाब देते नजर। यही हाल एसएसपी श्लोक कुमार का रहा। उनके पास भी कॉल आते रहे।
सड़क हादसे में घायल लोगों से मुलाकात करने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार उनसे हाल जान रहे थे। इसी बीच जिलाधिकारी के मोबाइल पर कॉल आई और वे बात करने के लिए वार्ड के बाहर एक कोने में चले गए। कुछ देर बाद उन्होंने फिर से घायलों से बात करना शुरु की, लेकिन ठीक पांच मिनट के बाद फिर से उनके मोबाइल पर कॉल आ गया। इस बार वे बात करने के लिए शौचालय में चले गए। बलदेव में हुए सड़क हादसे को लेकर मोबाइल पर कॉल आने का यह सिलसिला लगातार जारी रहा और हर बार वे जवाब देते नजर। यही हाल एसएसपी श्लोक कुमार का रहा। उनके पास भी कॉल आते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मथुरा हादसा
- फोटो : PTI
एक दर्जन से अधिक एंबुलेंस से घायलों को पहुंचाया अस्पताल
बलदेव में हुई दुर्घटना की जानकारी मिलते ही सीएमओ डॉ. राधावल्लभ टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके साथ ही एक दर्जन से अधिक एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायलों को लेकर अस्पताल की ओर दौड़ीं। इधर, बलदेव सीएचसी प्रभारी अपने स्टाफ के साथ मौके पर आ गए। सीएमओ की देखरेख में चिकित्सकों ने शवों को पोस्टमार्टम और घायलों को जिला अस्पताल, वृंदावन सौ सैया अस्पताल भेजा। गंभीर घायलों को यहां से आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
बलदेव में हुई दुर्घटना की जानकारी मिलते ही सीएमओ डॉ. राधावल्लभ टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके साथ ही एक दर्जन से अधिक एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायलों को लेकर अस्पताल की ओर दौड़ीं। इधर, बलदेव सीएचसी प्रभारी अपने स्टाफ के साथ मौके पर आ गए। सीएमओ की देखरेख में चिकित्सकों ने शवों को पोस्टमार्टम और घायलों को जिला अस्पताल, वृंदावन सौ सैया अस्पताल भेजा। गंभीर घायलों को यहां से आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
मथुूरा हादसा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीएमओ डॉ. राधावल्लभ ने बताया कि मलेरिया अधिकारी डॉ. गोपाल गर्ग ने जिला अस्पताल, वृंदावन सौ सैया अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस तीनों स्थानों पर मोर्चा संभाला। वहीं डॉ. अनुज चौधरी वृंदावन सौ सैया अस्पताल में घायलों का उपचार कराते रहे। दुर्घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे शवों के पंचनामा की जिम्मेदारी सदर थाना प्रभारी निरीक्षक अश्विनी सिंह ने संभाली। सदर थाना प्रभारी के नेतृत्व में आधा दर्जन से अधिक उप निरीक्षक दुर्घटना में मरने वालों के शवों का पंचनामा भरने में लगे रहे। इसके साथ ही परिजन से शवों की शिनाख्त और गुमशुदा यात्रियों के परिजन को शवों को दिखाने की जिम्मेदारी भी उन्होंने ही संभाली।