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मथुरा: चिकित्सा अधीक्षक के तबादले पर हाईकोर्ट की रोक, सीएचसी राल में फिर हुई बहाली; डीएम से मांगा हलफनामा
Fri, 11 Sep 2026 12:28 PM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 11 Sep 2026 12:28 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएचसी राल के चिकित्सा अधीक्षक राकेश सिंह के तबादले पर अंतरिम रोक लगाकर उन्हें मूल पद पर बहाल करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने डीएम के चिकित्सक के तबादले का निर्देश देने के कानूनी अधिकार पर सवाल उठाते हुए डीएम-सीएमओ से तीन सप्ताह में हलफनामा मांगा है।
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हाईकोर्ट
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीएचसी राल के चिकित्सा अधीक्षक राकेश सिंह के तबादले पर अंतरिम रोक लगाते हुए उन्हें मूल पद पर बहाल करने और वेतन भुगतान के निर्देश दिए हैं। साथ ही, अदालत ने जिलाधिकारी सीपी सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी राधा वल्लभ से तीन सप्ताह में व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है।
मामला 13 जुलाई के एक आदेश से जुड़ा है। उस आदेश में जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने राकेश सिंह को अधीक्षक पद से हटाकर सीएचसी नौहझील में चिकित्सा अधिकारी के रूप में स्थानांतरित किया था। राकेश सिंह ने नौहझील में कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इस पर विभाग ने उनका वेतन रोक दिया। राकेश सिंह ने कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
डीएम के अधिकार पर सवाल
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी के किसी चिकित्सक के तबादले का निर्देश देने के कानूनी अधिकार पर सवाल उठाया। अदालत ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी पूछा कि उन्होंने जिलाधिकारी के निर्देश को किस आधार पर लागू किया। न्यायालय ने दोनों अधिकारियों से तीन सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद राकेश सिंह की सीएचसी राल में अधीक्षक पद पर बहाली हो गई है। अब मामले की अगली सुनवाई में जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के जवाब पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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मामला 13 जुलाई के एक आदेश से जुड़ा है। उस आदेश में जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने राकेश सिंह को अधीक्षक पद से हटाकर सीएचसी नौहझील में चिकित्सा अधिकारी के रूप में स्थानांतरित किया था। राकेश सिंह ने नौहझील में कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इस पर विभाग ने उनका वेतन रोक दिया। राकेश सिंह ने कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
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डीएम के अधिकार पर सवाल
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी के किसी चिकित्सक के तबादले का निर्देश देने के कानूनी अधिकार पर सवाल उठाया। अदालत ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी पूछा कि उन्होंने जिलाधिकारी के निर्देश को किस आधार पर लागू किया। न्यायालय ने दोनों अधिकारियों से तीन सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद राकेश सिंह की सीएचसी राल में अधीक्षक पद पर बहाली हो गई है। अब मामले की अगली सुनवाई में जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के जवाब पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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