उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर बीती रात स्लीपर कोच बस बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे के बाद करीब 60 मीटर तक बस घिसटती चली गई। हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई। किसी का पैर कटा तो किसी का हाथ टूट गया। वहीं कोई सिर में चोट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया।
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यमुना एक्सप्रेसवे हादसाः सवार थे 120 लोग, नशे में था बस चालक, कट गए पैर, फूटे सिर, मंजर देख दहल गए लोग
Tue, 28 Feb 2023 01:15 AM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Tue, 28 Feb 2023 01:15 AM IST
सार
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हादसे के बाद बिखरा पड़ा यात्रियों का सामान
- फोटो : अमर उजाला
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ओवरलोड थी बस, नशे में था चालक
स्लीपर कोच बस बेकाबू होकर पलट गई
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस बता रही है कि बस में 120 सवारियां थीं। इससे यह साफ हो गया बस ओवरलोड थी। साथ ही नशे की हालत में चालक राजू बस को चला रहा था। यमुना एक्सप्रेसवे पर बस पलटने का कारण ओवरलोडिंग और नशा रहा। अब सवाल खड़ा होता है कि 120 सवारियों को लेकर बस दिल्ली से चली तो उसे कहीं चेक क्यों नहीं किया गया। यहां तक कि एक्सप्रेसवे और दिल्ली में अंदर भी उसे चेक करने की जहमत तक नहीं उठाई गई।
इसके बाद मथुरा में परिवहन विभाग के अफसर भी गहरी निंद्रा में सोए थे। एआरटीओ (प्रशासन) प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि अमूमन स्लीपर कोच की बस अधिक से अधिक 74 सीट में पास हो सकती है। इससे कम भी सीट के हिसाब से पास होती है। अगर 120 सवारियां बस में थीं तो यह मान लिया जाए कि ओवरलोडिंग हो रही थी। यही हादसे का कारण भी बन सकती है। सवारी यादराम ने बताया कि चालक राजू नशे की हालत में था, वहीं ठेकेदार ने अबकी बार एक ही बस से सभी मजदूरों को भेज दिया, जबकि उससे पहले दो या तीन बसों में मजदूर भेजे जाते थे।
इसके बाद मथुरा में परिवहन विभाग के अफसर भी गहरी निंद्रा में सोए थे। एआरटीओ (प्रशासन) प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि अमूमन स्लीपर कोच की बस अधिक से अधिक 74 सीट में पास हो सकती है। इससे कम भी सीट के हिसाब से पास होती है। अगर 120 सवारियां बस में थीं तो यह मान लिया जाए कि ओवरलोडिंग हो रही थी। यही हादसे का कारण भी बन सकती है। सवारी यादराम ने बताया कि चालक राजू नशे की हालत में था, वहीं ठेकेदार ने अबकी बार एक ही बस से सभी मजदूरों को भेज दिया, जबकि उससे पहले दो या तीन बसों में मजदूर भेजे जाते थे।
एक घंटे तक चला रेस्क्यू
एक घंटे तक चला रेस्क्यू
- फोटो : अमर उजाला
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में पुलिस प्रशासन का बचाव व राहत कार्य करीब एक घंटे तक चलता रहा। वहीं डीएम पुलकित खरे और एसएसपी शैलेष कुमार पांडेय ने बताया कि 20 एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जो सवारियां बची हुई हैं, उनको भी गंतव्य तक पहुंचाने के लिए इंतजाम किए गए हैं। कुछ जो चुटैल हुए हैं, वह वापस दिल्ली चले गए हैं।
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होली मनाने के लिए घर जा रहे थे सभी
हादसे में क्षतिग्रस्त बस
- फोटो : अमर उजाला
होली की खुशियां मन में बसाए गांव जा रहे मजदूरों और उनके परिवार को क्या मालूम थी कि आगे वह हादसे का शिकार हो जाएंगे। उनकी सारी होली की खुशियां काफूर हो गईं। कई परिवार तो शरीर से लाचार तक हो गए हैं तो किसी का परिवार का मुखिया चला गया या फिर किसी का बेटा भी चला गया। अब केवल इनके आंखों में आंसू के अलावा कुछ भी नहीं है। बार-बार अपनी तरफ देखकर परिवार के सदस्य को याद करना नहीं भूल रहे। इन मजदूर परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। किसी के परिवार में मौत हो गई है तो कोई जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
इन घायलों की गंभीर हालत
हादसे में घायल हुए कमलेश (10) पुत्र अरुण, बिलेंद्र (25) राम पुत्र शिवाजी, मंजू देवी (21) पत्नी बिलेंद्र राम, लीलावती (55) देवी पत्नी गौरीशंकर, आदित्य राज (8) पुत्र रंजीत यादव, रामचंद्र (25) पुत्र उपेंद्र यादव की हालत नाजुक बनी हुई है।
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हादसे में यह लोग घायल हुए
घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में घायलों में दिलकुश पुत्र संजय कुमार निवासी गौरगढ़, नरेला दिल्ली, सचिन राज, ऋषभ राज सभी निवासी गांव सुल्तानगंज, भागलपुर बिहार, सखन दास पुत्र विदेशी दास, लीलावती देवी पत्नी गौरीशंकर दास, तमोहर कुमार पुत्र गौरी शंकर निवासी गांव उजैना, बहेरी दरभंगा बिहार, रंजन कुमार पुत्र गंगाप्रसाद, ममता कुमारी पत्नी रंजन कुमार निवासी गांव सरोजा बैला भरौना सियान बिहार, आशीष कुमार पुत्र बिलेंद्र राम निवासी पंसाया केवकी दरभंगा बिहार, मानसी कुमारी पुत्री राम टहल पासवान, राम टहल पासवान पुत्र रामश्रेष्ठ पासवान निवासी चंदन पट्टी अशोकपुर दरभंगा, रामचंद्र पुत्र उपेंद्र पंडित निवासी गांव बेलाही सिंधिया समस्तीपुर, दयाराम पुत्र रामलखन पंडित निवासी गांव भरडिया कोसेसर दरभंगा, रामकुमार पुत्र अकलू, शिव कुमार पुत्र हरिराम, पवन शर्मा पुत्र देवनारायण शर्मा निवासी विष्णु कुटिया सिंधिया समस्तीपुर बिहार, अर्जुन यादव पुत्र रामबाबू यादव निवासी गांव गोरहा बुचेहा मुजफ्फरपुर बिहार, आदित्य पुत्र हरदेव निवासी गांव महेरा बहेरी दरभंगा, विनय पुत्र मनके निवासी अरा मोहली बहेरी दरभंगा, सुशिया देवी पत्नी रामजी मुखिया निवासी हांसी दरभंगा, विध्यानंद कुमार पुत्र ललित यादव निवासी पधाढ़ी बिहार शामिल हैं।