फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

दहशत के 10 घंटे: घर-घर घूम रही थी बाघिन, छतों पर लोग, एक छलांग पर खड़ी थी मौत

Sun, 04 Jun 2023 02:53 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 04 Jun 2023 02:53 PM IST
विज्ञापन
Panic among villagers for 10 hours after tigress entered in Rampur Dhakia village
कई घरों में घुसी थी बाघिन - फोटो : अमर उजाला

लखीमपुर खीरी के रामपुर ढकैया गांव में रात 12 बजे सन्नाटा पसरा था। दूरदराज से कुत्तों के भौंकने की या फिर तबेलों में बंधे मवेशियों के रंभाने की आवाजें आ रही थीं। तभी गुर्राने की आवाज लोगों तक पहुंची। कोई कुछ समझ पाता इसी बीच तेज दहाड़ से ग्रामीणों की नींद उड़ गई। 



लोगों ने घरों से झांककर और निकलकर देखा तो बाघिन नरेंद्र के घर के सामने चहलकदमी कर रही थी। बाघिन को घर के सामने देखकर लोगों के होश उड़ गए। एक एक करके सभी घरों से शोर और पड़ोसियों को बुलाने की आवाजें गूंजने लगीं। लोग जान बचाने के लिए छतों की ओर भागे। 

बाघिन सुबह 10 बजे तक एक से दूसरे घरों में चहलकदमी करती रही। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार ऐसे मौके आए जब बाघिन आंगन में और लोग 10 फुट ऊपर छत पर खड़े थे। मौत बस एक छलांग दूर थी। बार बार यही ख्याल आ रहा था कि छलांग लगा दी तो जान बचाना मुश्किल हो जाएगा। पूरे 10 घंटे इसी दहशत में बीते।

Panic among villagers for 10 hours after tigress entered in Rampur Dhakia village
बाघिन - फोटो : अमर उजाला
बाघिन को खदेड़ने के लिए ग्रामीणों ने एकजुट होकर शोर मचाना शुरू किया। इससे वह जंगल की ओर भागने के बजाय बारी बारी से लोगों के घरों में घुसती गई। बाघिन सबसे पहले नरेंद्र के घर में घुसी। इसके बाद शेर सिंह, ओमप्रकाश, कमलेश, बबलू कुमार, तौलेराम, ठाकुर प्रसाद, राकेश, रामपाल के घर-आंगन तक जाकर घूमी। कई घरों में बाघिन ने सामान तक बिखेर दिया। एक घर में लोहे के बक्सों को पंजे मारकर तोड़ डाला। 
Panic among villagers for 10 hours after tigress entered in Rampur Dhakia village
रामपुर ढकैया गांव में छतों पर लोग - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने बताया कि बाघिन एक-एक कर 25-30 घरों में बारी-बारी से घुसती चली गई। यदि ग्रामीण समय से छतों पर न चले जाते तो बाघिन हिंसक हो जाती और किसी की जान ले लेती। ग्रामीणों ने बताया कि खदेड़ने से उग्र हुई बाघिन पर शोर मचाने और आग जलाने का कोई असर नहीं पड़ा। गांव के आसपास हजारों की संख्या मौजूद ग्रामीणों की भीड़ देखकर भी बाघिन डरी नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Panic among villagers for 10 hours after tigress entered in Rampur Dhakia village
पिंजड़े में बांधी गई बकरी - फोटो : अमर उजाला

पिंजरे में बकरी बांधकर फंसाने की कोशिश बेकार

गांव में बाघिन के घुस आने के करीब आधा घंटा बाद 12:30 बजे ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। आधे घंटे के भीतर करीब एक बजे रात को डिप्टी रेंजर एसपी त्रिपाठी, फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, मुशीर, सोनू भारती समेत कई वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। बाघिन को खदेड़ने का अभियान शुरू किया। इसके बावजूद बाघिन जंगल की ओर जाने के बजाय ग्रामीणों के घरों में घुस जाती। इससे वन विभाग की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। 
विज्ञापन
Panic among villagers for 10 hours after tigress entered in Rampur Dhakia village
मौके पर वन विभाग की टीम - फोटो : अमर उजाला

बंद गाड़ियों में सवार होकर वनकर्मी बाघिन को खदेड़ते तो बाघिन दहाड़ते हुए उनकी गाड़ी पर हमला करने दौड़ती। इस बीच दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बी प्रभाकर, बफरजोन के उपनिदेशक सुंदरेशा, रेंजर साजिद हसन और दुधवा के पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अभियान को गति देने के लिए एक पिंजरे में बकरी को बांधकर उसे फंसाने की कोशिश की, लेकिन बाघिन उस ओर गई ही नहीं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed