लखीमपुर खीरी जिले में बारिश और बनबसा बैराज से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से पलिया और संपूर्णानगर इलाके में बाढ़ आ गई। शारदा, घाघरा और मोहाना नदियों का पानी करीब 100 गांवों में भर गया है। प्रशासन ने रविवार को आजादनगर व बर्बादनगर गांव खाली कराया था। यहां सात फीट से अधिक पानी चल रहा था। संपूर्णानगर क्षेत्र के गोविंदनगर, खजुरिया समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ का पानी सड़क पर बहने से पलिया-भीरा मार्ग पर दो दिन के लिए आवागमन रोक दिया गया है। संपूर्णानगर-खजुरिया पर भी प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। बिजुआ इलाके में 4.50 करोड़ की लागत से बनवाया गया बझेड़ा तटबंध भी कट गया है। सूरजपुर तटबंध भी पानी में बह गया है। धौरहरा क्षेत्र में एक युवक की पानी में डूबकर मौत हो गई।
Flood: बाढ़ की चपेट में लखीमपुर के कई गांव, पुल और सड़कों के ऊपर से बह रहा पानी, युवक की डूबकर मौत
पलिया शहर में चीनी मिल के आगे रिलांयस पेट्रोल पंप के पास सोमवार को तेज धार में पानी सड़क पर बह रहा है। नगला मोड़ पर पड़ने वाली पुलिया के पास पानी का बहाव तेज है। बाइक सवार इस सड़क से नहीं निकल पा रहे हैं। अतरिया रेलवे क्रासिंग तक तेज धार में शारदा नदी का पानी बह रहा है। जल आयोग के अनुसार शारदा नदी का जलस्तर दोपहर एक बजे खतरे के निशान से 54 सेंटीमीटर ऊपर चल रहा था।
शारदा का खतरे का निशान 154.590 सेमी है। नदी का जलस्तर 155.130 सेमी पर बह रहा था। देर शाम तक पानी बढ़ ही रहा था। पानी बढ़ने से पलिया शहर जहां टापू बन गया है। वहीं संपूर्णानगर क्षेत्र में बाढ़ के पानी ने कहर बरपाया है। संपूर्णानगर के गोविंदनगर कालोनी में पानी घुसने के बाद हड़कंप मच गया।
धौरहरा के कुम्हेना गांव निवासी मनोज कुमार (35) रपटा पुल पर पानी से गुजरते वक्त बह गया। डूबकर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश कराई। वह बबुरी धौरहरा मार्ग पर रपटा पुल से साइकिल से गुजर रहा था। उसी वक्त हादसे का शिकार हो गया।