तथागत की तपोस्थली पर सोमवार को मानसून मेहरबान हो गया। भोर से जो बारिश शुरू हुई तो फिर दोपहर तक रुकने का नाम नहीं लिया। कभी बदरा झूम के बरसे तो कभी रिमझिम बारिश हुई। कृषि विज्ञान केंद्र के विज्ञानियों ने दोपहर तक करीब 45 एमएम बारिश के आंकड़े दर्ज किए। चटख धूप और उमस भरी गर्मी से राहत मिली, लेकिन जलभराव ने मुश्किलें बढ़ा दीं। जिला मुख्यालय से लेकर दूसरे कस्बों तक हर जगह सड़कें पानी से लबालब हो गईं। नगर निकायों व ग्राम पंचायतों की जल निकासी व्यवस्था भी काम न आई। लोगों को खासा परेशानी उठानी पड़ी।
कौशाम्बी में मानसून आने का समय 22 जून है। तय दिन पर इसने दस्तक तो दे दी थी, लेकिन एक दिन की मामूली बूंदाबांदी के बाद बारिश वाले बादलों ने जिले से मुह मोड़ लिया था। खेती के पिछड़ रहे काम को लेकर चिंतित किसान और भीषण गर्मी से बेहाल जिलेवासी झमाझम बारिश की राह देख रहे थे। आखिरकार सोमवार को जिले में मानसून ने मेहरबानी की बारिश कराई। सुबह करीब चार बजे से शुरू हुई बरसात दोपहर करीब दो बजे तक रुक-रुक कर होती रही।
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कौशाम्बी में तेज बारिश के बाद सड़कों पर भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला।
कभी झमाझम पानी गिरा तो कभी रिमझिम बारिश हुई। इससे पूरा शहर पानी-पानी हो गया। डायट मैदान, मेडिकल कॉलेज, बीएसएस दफ्तर, सीएमओ दफ्तर आदि सरकारी कार्यालयों परिसर पानी से लबालब हो गए। मंझनपुर चौराहा, धाता रोड, चमनगंज, मंसूरनगर, छोगरिया का पूरा पसियाना, समदा पसियाना, समदा कोरियाना, खोरा, बेलखा पश्चिम, हजरतगंज समेत निचले इलाकों में बसे मोहल्लों में जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना दुश्वार रहा।
चमनगंज, धाता रोड और हजरतगंज सहित कई मोहल्ले ऐसे थे, जहां नाले-नालियों की व्यवस्था फेल नजर आई। कुछ ऐसा ही हाल पूरब-पश्चिमशरीरा, अजुहा, भरवारी, चरवा, चायल, करारी, दारानगर कड़ाधाम और सरायअकिल समेत जिले के अन्य कस्बों व नगरों में रहा। सुबह के चार से पांच घंटे जलभराव के कारण सड़कों पर चलना दूभर था। फिर जैसे-जैसे बारिश की रफ्तार घटी, वैसे-वैसे पानी भी धीरे-धीरे निकलता गया। इस बारिश के बाद गर्मी से काफी राहत मिली है।
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बारिश के बाद मेडिकल कॉलेज गेट पर भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला।
कई घरों में घुसा पानी, मरीजों को भी हुई परेशानी
नगर के समदा कोरियाना में नाली-नाला न होने के कारण बारिश का पानी पप्पू, आर्या, अजीम, समीम और सानू के घरों में घुस गया। सभासद खुशनसीब ने बताया कि नाला खोदने के लिए नगर पालिका से जेसीबी मंगाई गई थी, लेकिन उसमें भी खराबी आ गई। इसके चलते काम अधूरा रह गया। जलभराव से गृहस्थी का काफी सामान बर्बाद हो गया। इसके अलावा सबसे ज्यादा दिक्कत मेडिकल कॉलेज आए मरीजों व उनके तीमारदारों को हुई। अस्पताल की सड़कें पानी में डूबी रही। ओपीडी जाना हो या इमरजेंसी, बिना पानी से गुजरे कहीं पहुंचना ही संभव नहीं था।
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मंझनपुर में जमकर हुई बारिश।
- फोटो : अमर उजाला।
आगे भी बारिश के बन रहे आसार
कृषि विज्ञान केंद्र के विज्ञानी डॉ. अजय सिंह ने बताया कि यह मानसून की पहली बारिश है। करीब 45 एमएम बरसात हुई है। आगे भी कई दिन तक इसी तरह की बारिश का पूर्वानुमान मौसम विभाग की ओर से जारी किया गया है। किसानों के लिए यह मौसम खासा मुफीद साबित होगा। सिंचाई का खर्च तो बचेगा ही धान की फसल में भी रौनक आएगी।
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मंझनपुर में जमकर हुई बारिश।
- फोटो : अमर उजाला।
दिन भर बारिश के चलते लोग परेशान रहे। बरसात के बाद छाता और पॉलीथिन की बिक्री तेज हो गई है.