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अहमदाबाद से कानपुर पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन, यात्री बोले- ट्रेन पास के लिए खूब पैसे लिए, खाने को तरस गए
Mon, 25 May 2020 04:41 PM IST
शिखा पांडेय
सुरजीत तिवारी, अमर उजाला, कानपुर
सुरजीत तिवारी, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 25 May 2020 04:41 PM IST
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अहमदाबाद से कानपुर पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
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भले ही सरकार प्रवासी कामगारों को घर भेजने के लिए किराया खुद वहन कर रही हो लेकिन अभी भी कई जगह इन गरीबों से लूट-खसोट जारी है। खासकर गुजरात से आने वाली ज्यादातर ट्रेनों के यात्री इसकी शिकायत कर रहे हैं। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रविवार को अहमदाबाद से आई श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यात्रियों ने बताया कि ट्रेन रवाना होने से पहले उनसे 1200 से 2000 रुपये ट्रेन पास के नाम पर वसूले गए। सफर के लिए एक बोतल पानी देकर ट्रेन में बैठा दिया गया।
अहमदाबाद से कानपुर पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
सेंट्रल पर पानी के लिए टूट पड़े
प्रवासी कामगारों की ट्रेन जैसे ही सेंट्रल स्टेशन पर रुकी, सभी बोतल लेकर पानी भरने के लिए दौड़ पड़े। भीषण गर्मी में प्यास से बेहाल इन कामगारों में पानी जल्दी भरने की होड़ लगी रही। सभी का कहना था कि जबसे ट्रेन में बैठे हैं भूखे-प्यासे सफर कर रहे हैं। अब कभी लौटकर अहमदाबाद नहीं जाएंगे।
प्रवासी कामगारों की ट्रेन जैसे ही सेंट्रल स्टेशन पर रुकी, सभी बोतल लेकर पानी भरने के लिए दौड़ पड़े। भीषण गर्मी में प्यास से बेहाल इन कामगारों में पानी जल्दी भरने की होड़ लगी रही। सभी का कहना था कि जबसे ट्रेन में बैठे हैं भूखे-प्यासे सफर कर रहे हैं। अब कभी लौटकर अहमदाबाद नहीं जाएंगे।
अहमदाबाद से कानपुर पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
किसी ट्रेन के यात्रियों को लंच बांटे किसी को नहीं
रेलवे स्टेशन पर आ रहीं सभी ट्रेन के यात्रियों का रेलवे समानता से ध्यान नहीं रख पा रहा है। यहां सुबह करीब 11 बजे प्लेटफार्म नंबर छह पर पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यात्रियों को लंच पैकेट और पानी दिया गया। वहीं, दोपहर 12:10 बजे प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुंची ट्रेन के यात्रियों को कुछ नहीं दिया गया। वे सभी रेलवे के कोस रहे थे।
रेलवे स्टेशन पर आ रहीं सभी ट्रेन के यात्रियों का रेलवे समानता से ध्यान नहीं रख पा रहा है। यहां सुबह करीब 11 बजे प्लेटफार्म नंबर छह पर पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन के यात्रियों को लंच पैकेट और पानी दिया गया। वहीं, दोपहर 12:10 बजे प्लेटफार्म नंबर पांच पर पहुंची ट्रेन के यात्रियों को कुछ नहीं दिया गया। वे सभी रेलवे के कोस रहे थे।
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अहमदाबाद से कानपुर पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
सेंट्रल पर उतरने वालों को लंच व पानी दिया
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर उतरे सभी कामगारों व यात्रियों की पहले स्क्त्रस्ीनिंग हुई। इसके बाद गंतव्य तक जाने के लिए रजिस्ट्रेशन हुए। इसके बाद उन्हें वेज बिरयानी और पानी की बोतल देकर संबंधित रूट की बसों से रवाना कर दिया गया।
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर उतरे सभी कामगारों व यात्रियों की पहले स्क्त्रस्ीनिंग हुई। इसके बाद गंतव्य तक जाने के लिए रजिस्ट्रेशन हुए। इसके बाद उन्हें वेज बिरयानी और पानी की बोतल देकर संबंधित रूट की बसों से रवाना कर दिया गया।
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अहमदाबाद से कानपुर पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
कामगारों का दर्द
अहमदाबाद में सिर्फ एक बोतल पानी मिला था। इसके बाद किसी ने पूछा नहीं। ट्रेन के टोकन के लिए 1200 से दो हजार रुपये लिए गए जबकि और कहीं नहीं रुपये लिए गए। - इमरान, पटना
लुधियाना में पीओपी का काम करता था। वहां बंदी के दिन बहुत मुश्किल भरे रहे। किसी तरह वापस घर आने का मौका मिला। अब गांव में ही कुछ काम करूंगा। - रंजीत मिश्रा, आजमगढ़
महाराष्ट्र से लौटा हूं। बहुत परेशानी उठानी पड़ी। भूखे-प्यासे रहकर किसी तरह आ पाया हूं। घर से रुपये मंगाकर आने का इंतजाम किया है। - अमन कुमार
महाराष्ट्र में दो माह से फंसे थे। काम बंद था। खाने तक के लाले थे। बच्ची को पालना मुश्किल हो रहा था। अब घर पर ही राहत मिलेगी। - मीना कुमारी, मेरठ
अहमदाबाद में सिर्फ एक बोतल पानी मिला था। इसके बाद किसी ने पूछा नहीं। ट्रेन के टोकन के लिए 1200 से दो हजार रुपये लिए गए जबकि और कहीं नहीं रुपये लिए गए। - इमरान, पटना
लुधियाना में पीओपी का काम करता था। वहां बंदी के दिन बहुत मुश्किल भरे रहे। किसी तरह वापस घर आने का मौका मिला। अब गांव में ही कुछ काम करूंगा। - रंजीत मिश्रा, आजमगढ़
महाराष्ट्र से लौटा हूं। बहुत परेशानी उठानी पड़ी। भूखे-प्यासे रहकर किसी तरह आ पाया हूं। घर से रुपये मंगाकर आने का इंतजाम किया है। - अमन कुमार
महाराष्ट्र में दो माह से फंसे थे। काम बंद था। खाने तक के लाले थे। बच्ची को पालना मुश्किल हो रहा था। अब घर पर ही राहत मिलेगी। - मीना कुमारी, मेरठ