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विकास दुबे और जय बाजपेई की अकूत संपत्ति की तलाश में एसआईटी जुटा रही सबूत, ये शख्स कर रहा है मदद
Fri, 21 Aug 2020 11:54 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 21 Aug 2020 11:54 AM IST
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
बिकरू कांड की जांच के दौरान कानपुर में अधिवक्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट सौरभ भदौरिया गुरुवार को फिर एसआईटी के सामने पेश हुए। उन्हाेंने विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई व उसके गैंग द्वारा रेलवे की 10 जमीनों पर कब्जों के और 29 नई संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज सौंपे।
जय बाजपेई और गैंगस्टर विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा जय और उसके गुर्गों से परेशान तीन अन्य लोगों ने भी एसआईटी के सामने बयान दर्ज कराए। सौरभ ने एसआईटी को बताया कि जय के तीन भाइयों पर गैंगस्टर लगा, एक को छोड़ दिया गया। शिकायतों के बावजूद गिरोह के अन्य सदस्यों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
जय और उसके गैंग के सदस्यों को संरक्षण देने वाले पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई नहीं हुई। जय गैंग द्वारा कब्जाई व औने-पौने दामों में खरीदी गई नामी-बेनामी संपत्तियों का ब्योरा भी सौंपा। सौरभ ने अब तक सुरक्षा न मिलने की बात भी रखी।
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विकास दुबे: जय की पत्नी श्वेता
- फोटो : amar ujala
सौरभ के साथ बयान दर्ज कराने पहुंचे ब्रह्मनगर निवासी सूरज निषाद और बलराम ने बताया कि जय और उसके गुर्गों ने बजरिया थाने की पुलिस से मिलकर उनका और परिजनों का उत्पीड़न किया। वे 40 साल से जिस जमीन पर रह रहे थे, उसे खाली करने के लिए जय दबाव डाल रहा था।
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सपा विधायक इरफान सोलंकी, जय बाजपेई के साथ
- फोटो : अमर उजाला
मना करने पर उन्हें और घरवालों को पुलिस थाने ले जाती। कई दिनों तक थाने में रखकर मारती-पीटती थी। इसके बाद भी वे लोग पीछे नहीं हटे तो जय ने नगर निगम के अधिकारियों से मिलकर मकान पर बुलडोजर चलवा दिया। मकान ढहाने के बाद रेलवे की उक्त जमीन को 32 लाख रुपये में बेच दिया। इन लोगों ने पूर्व में दिए गए शिकायती पत्र भी एसआईटी को सौंपे। वहीं ब्रह्मनगर निवासी सक्षम अवस्थी ने भी उत्पीड़न, मारपीट व जानलेवा हमले आदि से संबंधित फुटेज सौंपे।