Vikas Dubey: पुलिस को नहीं पता विकास दुबे के खजांची जय ने किन सरकारी जमीनों पर किया कब्जा
नजीराबाद इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह के मुताबिक जय पर छह, उसके भाई शोभित पर दो, अजय पर तीन और रजय पर चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसमें डकैती, लूट, मारपीट, बलवा आदि के केस शामिल हैं। ये केस पिछले एक दशक में दर्ज किए गए हैं। सवाल है कि आखिर बिकरू कांड से पहले पुलिस की मेहरबानी शातिर भाइयों पर क्यों थी। यहां तक कि जय पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों का भी कारखास बना घूमता था। अब जब इतनी बड़ी वारदात हुई तो अफसरों के दबाव में आनन-फानन में उस पर कार्रवाई की।
जय के कई मकान और फ्लैट में पुलिस के अलावा अन्य कई अफसर रहते हैं। इसके एवज में वह उनसे बड़े काम करवाता था। सूत्रों के मुताबिक जमीनों पर जो भी इस गैंग ने कब्जे किए, उसमें कई अफसरों ने भी साथ दिया। किन जमीनों पर कब्जे हैं, इसका खुलासा न करने का एक ये भी वजह हो सकती है। अगर इसका पता चला तो ये सार्वजनिक हो जाएगा कि किस अधिकारी के कहने पर स्थानीय पुलिस ने जय को कब्जा कराया। हालांकि ईडी और आयकर विभाग की जांच में ये सभी तथ्य सामने आ सकते हैं।
जय और उसके गैंग ने किन-किन सरकारी जमीनों पर कब्जा किया है। अभी इसकी जानकारी नहीं है। मामले में केस दर्ज किया गया है। विवेचना में इसकी जानकारी जुटाई जाएगी।
गीतांजलि सिंह, सीओ नजीराबाद
जय और उसके गैंग ने सरकारी जमीनों पर कब्जे किए हैं। कब्जा कहां, किस जमीन पर किये गए हैं, ये गोपनीय है।
ज्ञान सिंह, इंस्पेक्टर नजीराबाद