बिकरू कांड के मामले में पुलिस की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। दहशतगर्द विकास दुबे के परिजनों, परिचितों के अलावा बिकरू गांव के कुल 26 लाइसेंस धारक कारतूसों का हिसाब नहीं दे पा रहे हैं। पुलिस ने गन हाउस मालिकों (जहां से कारतूस खरीदे गए) से संपर्क कर कारतूसों का ब्यौरा जुटाया है।
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विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड के बाद पुलिस प्रशासन ने विकास दुबे के परिजनों, रिश्तेदारों और बिकरू गांव के असलहों का विवरण जुटाया था। पता चला था कि विकास दुबे, भाई दीपक दुबे, उसकी पत्नी, पिता समेत कुल 26 लोगों के पास 28 शस्त्र लाइसेंस हैं।
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विकास दुबे का एनकाउंटर
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पुलिस का दावा है कि इन सभी शस्त्रों का इस्तेमाल दो जुलाई को हुए हमले में किया गया है। प्रशासन ने इन सभी लाइसेंसों को निरस्त कर दिया है। चौबेपुर पुलिस जांच कर रही है कि इन शस्त्र लाइसेंस धारकों ने अब तक कितने कारतूस लिए। उनके पास कितनों का हिसाब है।
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कानपुर एनकाउंटर
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चौबेपुर इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन राय के मुताबिक शस्त्र लाइसेंस धारकों ने सैकड़ों कारतूस लिए हैं, जिनका वे हिसाब नहीं दे पा रहे हैं। विकास अपने रिश्तेदारों और ग्रामीणों का इस्तेमाल खुद करता था। पुलिस इन्हें भी साजिश के आरोप में जेल भेज सकती है।
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कानपुर एनकाउंटर
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सत्यापन रिपोर्ट लगाने वालों पर होगी कार्रवाई
विकास के भाई समेत कई ऐसे शस्त्र लाइसेंस धारक हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस ने आवेदक के पक्ष में सत्यापन रिपोर्ट लगा दी। ऐसे दस से अधिक पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए हैं। ये सभी जांच के दायरे में हैं। इन पर भी कार्रवाई तय है।