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Vikas dubey: मनु की गवाही और ऑडियो अदालत में होंगे महत्वपूर्ण साक्ष्य, हत्या की साजिश का लग सकता है आरोप

Mon, 03 Aug 2020 09:28 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा आशीष अग्रवाल, अमर उजाला, कानपुर
आशीष अग्रवाल, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 03 Aug 2020 09:28 AM IST
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Vikas dubey: Manu's testimony and audio will be important evidence in court
vikas dubey news - फोटो : amar ujala
बिकरू कांड में गिरफ्तार किए गए विकास दुबे के ममेरे भाई शशिकांत पांडे की पत्नी मनु के मोबाइल की वायरल कॉल रिकार्डिंग पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। दो जुलाई को हुई वारदात के समय घटनास्थल पर मनु की मौजूदगी, फोन पर बातचीत के दौरान विकास और उसके साथियों द्वारा पुलिसकर्मियों की हत्या की बात कहना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मनु ने पूरी घटना देखी है।


 
Vikas dubey: Manu's testimony and audio will be important evidence in court
vikas dubey news - फोटो : अमर उजाला
मनु ने पुलिस को घटना का पूरा सच बताने की बात कही है। ऐसे में मनु का बयान, उसके वायरल ऑडियो अदालती कार्यवाही में कितने महत्वपूर्ण होंगे और साक्ष्य अधिनियम की कसौटी पर वह कितनी खरी उतरेगी, इस विषय पर विधि विशेषज्ञों ने अपनी राय दी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) फौजदारी राजेश्वर तिवारी ने बताया कि मनु के वायरल ऑडियो की विधि विज्ञान प्रयोगशाला से जांच कराई जाएगी।

 
Vikas dubey: Manu's testimony and audio will be important evidence in court
vikas dubey news - फोटो : अमर उजाला
मनु की आवाज और वायरल ऑडियो में जो आवाज है उसके मिलान होने पर पुलिस ऑडियो को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में पेश करेगी। मनु के घर में सीओ समेत दो पुलिसकर्मियों के शव मिले हैं। साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 के तहत घर में शव कैसे आए, यह साबित करने का भार मनु पर ही होगा। उसे घटना की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद उसने तथ्यों को छिपाया।

 
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Vikas dubey: Manu's testimony and audio will be important evidence in court
vikas dubey news - फोटो : अमर उजाला
इसलिए मनु हत्या के षड्यंत्र के साथ सबूत मिटाने की दोषी भी मानी जा सकती है। घटना में मनु की गवाही को सबसे विश्वसनीय माना जाएगा। अगर पुलिस मनु को सरकारी गवाह बनाकर कोर्ट में पेश करती है तो उस पर लगे आरोपों को माफ करने के लिए अदालत से याचना कर सकती है। सरकारी गवाह के रूप में मनु की सजा माफ की जाए या कम की जाए यह निर्णय करने का अधिकार अदालत को होगा।

 
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Vikas dubey: Manu's testimony and audio will be important evidence in court
vikas dubey news - फोटो : amar ujala
कानूनी भाषा में ऐसे गवाह को वायदा माफ गवाह कहा जाता है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) फौजदारी सरला गुप्ता का कहना है कि मनु बिकरू कांड की महत्वपूर्ण साक्षी है। घटना के पहले मनु ने फोन करके पुलिस के आने की सूचना देकर ससुर को बुलाया और पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद लखनऊ में रहने वाले विकास के भाई दीपू की पत्नी अंजलि और अपने भाई से फोन पर बातचीत की, जिसमें पुलिसकर्मियों के हत्याकांड का खुलासा किया है।

 
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