{"_id":"5f1fb8308ebc3e9ffb2ecb33","slug":"vikas-dubey-details-of-criminal-history-and-property-of-vikas-dubey-handed-over-to-ed","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Vikas Dubey: विकास दुबे के आपराधिक इतिहास और संपत्ति का ब्योरा ईडी को सौंपा गया, जय की भी होगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Vikas Dubey: विकास दुबे के आपराधिक इतिहास और संपत्ति का ब्योरा ईडी को सौंपा गया, जय की भी होगी जांच
Tue, 28 Jul 2020 11:09 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 28 Jul 2020 11:09 AM IST
विज्ञापन
vikas dubey news
- फोटो : amar ujala
बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे और उसके साथी जय बाजपेई की संपत्तियों पर अब ईडी और आईटी अपना शिकंजा कसेगी। बिकरू कांड के बाद ईडी ने आईजी रेंज मोहित अग्रवाल को पत्र लिखकर विकास दुबे का आपराधिक इतिहास और संपत्ति का विवरण मांगा था। आईजी ने बताया कि विकास पर दर्ज 61 केसों, उनकी वर्तमान स्थिति, गैंग के सदस्यों के विवरण के अलावा संपत्ति की जानकारी जुटाई गई, जो ईडी को सौंप दी गई है।
vikas dubey news
- फोटो : अमर उजाला
आईजी ने बताया कि आपराधिक रिकॉर्ड पूरा है लेकिन संपत्ति जितनी जांच में सामने आई थी, उसकी जानकारी उपलब्ध कराई गई है। अब ईडी की जांच में कुल संपत्ति, बैंक बैलेंस आदि का खुलासा होगा। बिकरू कांड में जिन पुलिसकर्मियों (80 से अधिक) की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, उनके खिलाफ एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है।
vikas dubey news
- फोटो : amar ujala
पुलिस के आला अधिकारियों ने इससे संबंधित पूरी जानकारी और दस्तावेज एसआईटी को उपलब्ध करवा दिए हैं। इसमें जय बाजपेई का साथ देने वाले एक दर्जन पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। उधर, पुलिस ने विकास दुबे के आपराधिक इतिहास व संपत्ति का ब्योरा प्रवर्तन निदेशालय को दे दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
vikas dubey news
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड के बाद पूर्व चौबेपुर एसओ विनय तिवारी व दरोगा केके शर्मा को जेल भेजा गया है। तीन अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के साथ ही पूरे थाने के 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। इधर विकास दुबे का खास साथी जय बाजपेई भी जेल में है। मामले की जांच में सामने आया है कि एक दर्जन पुलिसकर्मियों ने जय का साथ दिया है।
विज्ञापन
kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
खासतौर पर केस दर्ज होने के बावजूद लाइसेंसी रिवाल्वर रखकर जय चलता था। इसमें पुलिसकर्मियों की बड़ी भूमिका सामने आई है। वहीं कन्नौज के पूर्व एएसपी केसी गोस्वामी ने 2018 की जांच रिपोर्ट में 11 पुलिसकर्मियों का जिक्र किया था, जो जय का साथ दे रहे थे। अब इन सभी मामलों की जांच एसआईटी ने शुरू कर दी है। 80 से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच हो रही है। जांच पूरी होने के बाद बड़ी कार्रवाई हो सकती है।