{"_id":"5fcc56da8ebc3ecf674fd46a","slug":"vikas-dubey-case-news-kanpur-encounter-commission-made-saurabh-a-witness-statement-will-be-recorded-next-week","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"विकास दुबे एनकाउंटर: बिकरू कांड में एक और नया खुलासा, विधायक व वरिष्ठ आईएएस के संरक्षण में चला खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकास दुबे एनकाउंटर: बिकरू कांड में एक और नया खुलासा, विधायक व वरिष्ठ आईएएस के संरक्षण में चला खेल
Sun, 06 Dec 2020 09:28 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 06 Dec 2020 09:28 AM IST
विज्ञापन
kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिकरू कांड की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित न्यायिक आयोग को अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने एक और शपथ पत्र सौंपा है। शिकायत के बाद भी कई पुलिस, प्रशासनिक अफसरों व नेताओं के अलावा विकास दुबे व उसके खजांची जय बाजपेई के गैंग से जुड़े लोग एसआईटी रिपोर्ट में कार्रवाई से बच गए थे। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने न्यायिक आयोग को शपथ पत्र सौंपा है।
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
सौरभ का कहना है कि आयोग ने उन्हें गवाह बनाकर बयान दर्ज कराने के लिए अगले सप्ताह बुलाया है। सौरभ ने साल 2016 से 2020 तक कानपुर में तैनात रहे एसएसपी, एसपी पश्चिम, सीओ नजीराबाद व सीओ एलआईयू की गहनता से जांच की मांग की। शपथपत्र में कहा कि बिकरू कांड के बाद विकास को भगाने में जिन वाहनों का इस्तेमाल हुआ, वह जय ने अपने खास लोगों के नाम पर खरीदीं थीं। जांच में इनके नाम सामने आने के बावजूद इन्हें षड्यंत्र का आरोपी नहीं बनाया गया।
kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
विकास, जय व उनके गिरोह के सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए कई विधायकों, मंत्रियों ने भी सिफारिशी पत्र दिए थे। इन्हें भी शामिल नहीं किया गया। सौरभ ने मांग की कि विकास के गैंग को संरक्षण देकर अंकूत संपत्ति बनाने वाले छह आईपीएस, आठ पीपीएस सहित सभी पुलिसकर्मियों पर विजिलेंस एवं आर्थिक अपराध शाखा एजेंसी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करे।
विज्ञापन
विज्ञापन
kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
साजिश के तहत छीनी सुरक्षा
सौरभ ने कहा कि उनकी शिकायतों पर कई जांच हुईं। इनमें आरोप साबित होने पर कार्रवाई की संस्तुति भी हुई लेकिन बाद में उल्टा उन्हें व उनके परिवारवालों को ही झूठे मुकदमों में फंसा दिया गया। साजिश के तहत सुरक्षा छीन ली गई ताकि आसानी से हत्या कराई जा सके। सौरभ ने खुद पर दर्ज मुकदमों की केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग भी की।
सौरभ ने कहा कि उनकी शिकायतों पर कई जांच हुईं। इनमें आरोप साबित होने पर कार्रवाई की संस्तुति भी हुई लेकिन बाद में उल्टा उन्हें व उनके परिवारवालों को ही झूठे मुकदमों में फंसा दिया गया। साजिश के तहत सुरक्षा छीन ली गई ताकि आसानी से हत्या कराई जा सके। सौरभ ने खुद पर दर्ज मुकदमों की केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग भी की।
विज्ञापन
kanpur encounter news
- फोटो : amar ujala
अफसरों ने भुगता कार्रवाई का खामियाजा
विकास दुबे, जय व उनके गिरोह पर जिस अफसर ने भी कार्रवाई की कोशिश की उसे प्रताड़ित किया गया। उन्हें साइड पोस्टिंग दी गईं। इनमें कन्नौज के एएसपी रहे केसी गोस्वामी, बजरिया एसओ धीरेंद्र सिंह चौहान व नजीराबाद एसओ आमोद कुमार सिंह के नाम प्रमुख हैं। इस तथ्य को भी जांच में शामिल करने की मांग की।
विकास दुबे, जय व उनके गिरोह पर जिस अफसर ने भी कार्रवाई की कोशिश की उसे प्रताड़ित किया गया। उन्हें साइड पोस्टिंग दी गईं। इनमें कन्नौज के एएसपी रहे केसी गोस्वामी, बजरिया एसओ धीरेंद्र सिंह चौहान व नजीराबाद एसओ आमोद कुमार सिंह के नाम प्रमुख हैं। इस तथ्य को भी जांच में शामिल करने की मांग की।