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सीएसजेएमयू: सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में 20 फीसदी सीटें भी नहीं भर सकीं, 400 कॉलेज बंदी के कगार पर

Mon, 09 Jul 2018 06:05 PM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 09 Jul 2018 06:05 PM IST
सार

- सीएसजेएमयू से संबद्घ 400 सेल्फ फाइनेंस कॉलेज बंदी के कगार पर
- एडमिशन की अंतिम तिथि कल, अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग

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twenty percent seats could not be filled in Self-Finance colleges
सीएसजेएमयू
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) से संबद्ध करीब 400 सेल्फ फाइनेंस कॉलेज बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। इन कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए छात्र ही तैयार नहीं हो रहे हैं। खासतौर पर बीएससी और बीकॉम कोर्सेज में कॉलेजों को एडमिशन मिलना मुश्किल हो गया है। करीब बीस प्रतिशत सीटें ही अभी तक इन कॉलेजों में बहुत मुश्किल से भर पाई हैं। प्रवेश की अंतिम तिथि 10 जुलाई है।

 
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सीएसजेएमयू
कॉलेज प्रबंधकों का कहना है कि अगर एडमिशन नहीं मिलते तो वह शिक्षकों, कर्मचारियों का वेतन, बिजली-पानी का बिल आदि के भुगतान करने के लायक भी नहीं रह पाएंगे। उन्हें मजबूरन कॉलेज बंद करना पड़ जाएगा।

उत्तर प्रदेश सेल्फ फाइनेंस डिग्री कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी का कहना है कि कई ऐसे कॉलेज भी हैं जहां अभी तक केवल पांच से छह ही नए एडमिशन हुए हैं। ऐसे में प्रबंधकों के लिए कॉलेज चलाना मुश्किल हो गया है। त्रिवेदी के अनुसार ऐसा विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हाल में लिए गए गलत फैसलों के चलते हुआ है। मांग की कि एडमिशन की तिथि 31 अगस्त तक बढ़ाई जानी चाहिए, तभी कॉलेजों में कुछ एडमिशन हो पाएंगे।

 

एडमिशन न होने की ये हैं बड़ी वजह

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सीएसजेएमयू
- नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए अब केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य हो चुके हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में छात्रों को फेल होने का खतरा दिख रहा है।
- इस बार विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए हैं।
- ज्यादातर कॉलेज ग्रामीण क्षेत्रों में है। ऐसे में यहां के युवा फिलहाल खेती और अपने घर की आर्थिक स्थिति सुधारने में जुटे हैं। अमूमन ये छात्र अगस्त-सितंबर तक एडमिशन लेते थे।

 
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विज्ञान वर्ग पर ज्यादा संकट

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सीएसजेएमयू
त्रिवेदी बताते हैं कि छात्रों का रुझान इस बार विज्ञान वर्ग के बजाय कला वर्ग की तरफ ज्यादा होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बीए में छात्र आसानी से पास हो सकता है जबकि बीएससी में फेल होने का ज्यादा डर रहेगा। ऐसे में बड़ी संख्या में कॉलेजों से विज्ञान वर्ग ही समाप्त हो जाएगा।

 
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डीएवी में पीजी की 50 प्रतिशत सीटें खाली

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सीएसजेएमयू
डीएवी प्राचार्य डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उनके यहां परास्नातक विज्ञान वर्ग की करीब 50 प्रतिशत सीटें अभी भी खाली हैं। इनमें एडमिशन पाने के लिए छात्रों के पास 16 जुलाई तक मौका है। छात्र सीधे कॉलेज में आकर संपर्क कर सकते हैं। 
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