यूपी के फर्रुखाबाद जिले में थाना मऊदरवाजा के गांव अर्रापहाड़पुर निवासी श्रीचंद्र शाक्य ने बेटी कीर्ति की शादी इसी थाने के गांव रामपुर ढपरपुर निवासी देवेंद्र पुत्र पन्नालाल के साथ तय की थी। गुरुवार को कीर्ति की बारात आई थी। द्वारचार के बाद बारातियों ने भोजन किया। रात करीब 2 बजे अचानक बारातियों की हालत खराब होने लगी। कई बारातियों को उल्टी और दस्त होने लगे।
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लोहिया अस्पताल में भर्ती बीमारी हुए बाराती
- फोटो : अमर उजाला
बारात में खाना खाने के बाद 32 बारातियों को उल्टी और दस्त होने लगे। इससे समारोह स्थल पर अफरातफरी मच गई। सभी को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसडीएम सदर अजीत कुमार ने अस्पताल में बारातियों से जानकारी ली। उन्होंने डाक्टरों को बारातियों का ठीक ढंग से इलाज करने के निर्देश दिए। डाक्टरों ने फूड प्वायजनिंग से लोगों की तबीयत खराब होने की बात कही।
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लोहिया अस्पताल में भर्ती बीमारी हुए बाराती
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बारातियों की हालत को देखकर वहां पर अफरातफरी मच गई। सूचना मिलने पर एंबुलेंस की गाड़ियां मौके पर पहुंची । बारातियों को लोहिया अस्पताल में लाया गया। यहां पर दूल्हे के पिता पन्नालाल के अलावा गजराज सिंह, सागर पुत्र राधेश्याम, दीपांशू पुत्र सुधीर, गांव शिकारपुर निवासी गुड्डू, गांव ऊगरपुर निवासी दुर्वेश पुत्र भूरेलाल, प्रिंस पुत्र राधेश्याम, रविंद्र कुमार, गांव रामनगर ऊगरपुर निवासी दिनेश कुमार, अरविंद, कौशलेंद्र, सौरभ पुत्र मोहन, गांव रंपुरा निवासी गोविंद, कुड़ा निवासी अतुल कुमार, थाना मेरापुर के गांव सराय अगहत निवासी आर्यन और उसका भाई वंटी पुत्र देशराज, थाना नवाबगंज के गांव बराकेशव निवासी विकास पुत्र अनिल, सुनील कुमार, अनिल कुमार, थाना राजेपुर के गांव राई निवासी माखनलाल, रवी पुत्र रामकिशोर, मोहम्मदाबाद के गांव हमीरपुर निवासी प्रिया, प्रियम पुत्री सुभाषचंद्र, थाना राजेपुर के गांव चाचूपुर निवासी कन्हैयालाल और उसका भाई भाइयालाल पुत्र जागेश्वर, मातादीन, जिला मैनपुरी के गांव बौद्ध नगर निवासी हुकुम सिंह, जिला कासगंज के कसबा पटियाली निवासी सत्यवीर, जिला कन्नौज कसबा छिबरामऊ निवासी भगवत दयाल और उनका बेटा सत्यम और शहर कोतवाली के गांव सातनपुर निवासी महेशचंद्र को भर्ती कराया गया।
बारातियों ने बताया कि खाने में पनीर, मेथी-आलू खाया था। डॉक्टर अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि इन मरीजों को फूड प्वायजनिंग हो गया है। फिलहाल सभी मरीजों की हालत खतरे से बाहर है। एसडीएम सदर अजीत सिंह, सीएमएस डॉक्टर बीबी पुष्कर ने मरीजों से घटना की जानकारी के साथ ही इलाज के बारे में पूछतांछ की। अस्पताल में पहुंच कर लेखपालों ने बारातियों की सूची भी तैयार की। इमरजेंसी वार्ड में जगह कम होने के कारण एक बैड पर दो दो मरीजों को भर्ती किया गया।