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दीपों और लाइटों से जगमग हुआ शहर, धूम धड़ाका और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई दिवाली
Sun, 27 Oct 2019 07:51 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 27 Oct 2019 07:51 PM IST
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दिवाली पर दियों से की रोशनी
- फोटो : अमर उजाला
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खुशियों, हर्षोल्लास और उत्साह का पर्व दीपावली रविवार को दीपमाला के साथ मनाया गया। रंगबिरंगी लाइटों से सजीं सरकारी इमारतों, मंदिरों, गुरुद्वारों और घरों को देख लोगों को सुखद अनुभूति का एहसास हुआ। दुकानों और प्रतिष्ठानों, घरों में गणेश-लक्ष्मी की पूजा अर्चना के बाद लोगों ने रात में मंदिर जाकर भगवान का भी आशीर्वाद दिया।
दिवाली पर जगमग हुआ शहर
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद घर के बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और अपने छोटे और बच्चों को मिठाई और रुपये देकर उन्हें दीपावली की बधाई भी दी। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक मास की अमावस्या की रात को लक्ष्मी मइया धरती पर विचरण करने आती है।
दिवाली पर जगमग हुआ शहर
- फोटो : अमर उजाला
इसी उद्देश्य से धरती के लोग दीपावली से पहले घर की साफ-सफाई करते है। लक्ष्मीजी स्वच्छ घर पर ही अपनी कृपा बरसाती है। लक्ष्मी जी की कृपा के लिए लोगों ने सुबह से घर में सफाई की। इसके बाद रंग बिरंगी लाइटों से सजावट की।
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दिवाली पर मंदिर में हुआ पूजन
- फोटो : अमर उजाला
शाम को एक चौकी या पाटा रख पीला या लाल कपड़ा बिछाकर गणेश-लक्ष्मी का विधि विधान से पूजन किया। साथ में कुबेर और श्रीयंत्र पूजन किया। पूजन के दौरान एक अखंड दीपक प्रज्ज्वलित कर मिष्ठान का भोग लगाया।
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दिवाली पर सजाई रंगोली
- फोटो : अमर उजाला
फल में सरीफा, कैथा, गन्ने की गडेरी, कमरख, अनार और नारियल चढ़ा भगवान से कामना कर समृद्धि, सुख, शांति, महालक्ष्मी की कृपा मांगी। पुन:थाली में सतिया बनाकर 11 या 28 दीपकों को भगवान के आगे रख गणेशजी की आरती फिर लक्ष्मीजी की आरती की।