जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से जुड़े हबीबुल इस्लाम समेत तीन आतंकियों को एटीएस ने बुधवार से 12 दिनों के लिए कस्टडी रिमांड पर लिया। हबीबुल ने पूछताछ में बेबाकी के साथ आतंकी होने की बात कबूली। उसने पांच राज्यों यूपी, झारखंड, महाराष्ट्र, कश्मीर और गुजरात में अपने से जुड़े लोगों की सक्रियता की भी पुष्टि की है। आठ लोगों के नाम भी बताए हैं। एटीएस उससे मिली जानकारी के आधार पर तफ्तीश आगे बढ़ा रही है।
Terrorist Habibul: आतंकी हबीबुल ने पांच राज्यों में सक्रियता कबूली, आठ के नाम बताए, साजिश भी स्वीकारी
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सूत्रों के मुताबिक हबीबुल ने बताया कि वह पिछले करीब पांच वर्षों से ऐसी गतिविधियों के बारे में इंटरनेट के जरिये जानकारी लेता रहा था। वह आतंकी संगठनों से प्रभावित था। क्योंकि वह भारत को इस्लामिक देश बनाने का सपना देख रहा था। करीब ढाई साल पहले वह सोशल मीडिया के जरिये आतंकी संगठन के ग्रुपों से जुड़ गया। उसने पांच राज्यों के कुछ लोगों के नाम बताए हैं। उसका दावा है कि वह भी उसी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। एटीएस अब इनका सत्यापन करने में जुट गई है।
एनआईए कर सकती है जांच
एटीएस की शुरुआती जांच में गिरफ्तार आतंकियों का जैश से संबंध समाने आया है। एटीएस के पास पुख्ता साक्ष्य हैं। देशद्रोह, विधि विरुद्ध क्रिया कलाप जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जा चुका है। ऐसे में केस एटीएस की जांच पूरी होने के बाद एनआईए के पास पहुंच सकता है। हालांकि वर्तमान में केस की विवेचना एटीएस ही कर रही है।
अपमान बर्दाश्त नहीं, इसलिए मारने की रची साजिश
एटीएस की जांच में सामने आया था कि ये आतंकी भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा की हत्या करने की साजिश रच रहे थे। फिदायीन हमले के लिए युवाओं की तलाश में जुटे थे। सूत्रों के मुताबिक इस बारे में जब दोनों से पूछताछ हुई, तो उन्होंने कहा कि धर्म से जुड़े किसी भी चीज को कोई अपमान करेगा, तो वह जीने लायक नहीं रहेगा। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसलिए मारने की साजिश रच रहे थे।
युवाओं की फौज तैयार कर रहा था हबीबुल
जांच में सामने आया कि हबीबुल के संपर्क में अधिक संख्या में युवा थे। कुछ फतेहपुर, कानपुर, प्रयागराज के भी हैं। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। आगे की तफ्तीश में इस बिंदु पर तफ्तीश जारी रहेगी।