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बेबसी: सांसों संग टूटा पक्की छत का वादा, झोपड़ी में रहता है परिवार, बिलखती पुष्पा बोली-आप तो छोड़कर चले गए
Wed, 19 Oct 2022 02:04 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कन्नौज
अमर उजाला नेटवर्क, कन्नौज
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 19 Oct 2022 02:04 PM IST
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आतंकी हमले में श्रमिकों की हत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू कश्मीर में आतंकियों के ग्रेनड फेंकने से दो श्रमिकों की हत्या की खबर मिलते ही कन्नौज में चीख-पुकारों से सुबह का सन्नाटा टूटा। पड़ोसी मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने में जुटे थे। ठठिया थाना क्षेत्र के दन्नापुरवा निवासी रामसागर (50), मुनेश (38), मुनेश का भाई रामबाबू, भोला, मोनू, पिंटू और विनय जम्मू कश्मीर के शोपियां में सेब के बागान में सेबों की पैकेजिंग और लोडिंग करते थे। ठेकेदार से हिसाब-किताब कर सभी को मंगलवार सुबह करीब चार बजे घर के लिए निकलना था। इससे रात करीब 11 बजे कपड़े और सामान पैक कर रहे थे। इस दौरान आतंकियों ने ग्रेनेड फेंक दिया। इससे रामसागर और मुनेश की मौके पर मौत हो गई। जबकि ग्रेनेड की चपेट में आकर मुनेश का भाई रामबाबू, भोला और मोनू घायल हो गए। आतंकी हमले की सूचना मिलते ही कोहराम मच गया।
विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
फूस की झोपड़ी बनाकर रहकर गुजरा करता है परिवार
गांव की ऊबड़-खाबड़ तंग गलियों से होकर तालाब किनारे फूस की झोपड़ी में बच्चों के साथ बिलखती पुष्पा को जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गई। झोपड़ी में अलमारियों की जगह सूखी लौकियों के खोखों में गृहस्थी का सामान रखा होने के साथ फटी चटाई हर किसी को द्रवित कर रही थी। सिसकियां लेते पुष्पा का कहना था कि पति मुनेश ने कश्मीर से लौटकर पक्की छत बनवाने का वादा किया था। अब पति वादा तोड़कर कर चले गए।
गांव की ऊबड़-खाबड़ तंग गलियों से होकर तालाब किनारे फूस की झोपड़ी में बच्चों के साथ बिलखती पुष्पा को जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गई। झोपड़ी में अलमारियों की जगह सूखी लौकियों के खोखों में गृहस्थी का सामान रखा होने के साथ फटी चटाई हर किसी को द्रवित कर रही थी। सिसकियां लेते पुष्पा का कहना था कि पति मुनेश ने कश्मीर से लौटकर पक्की छत बनवाने का वादा किया था। अब पति वादा तोड़कर कर चले गए।
विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बिलखते-बिलखते बेहोश होने के बाद जब पड़ोसियों ने थपकी मारकर पुष्पा को उठाया। झोपड़ी के अंदर आठ वर्षीय बेटी अनुष्का, छह वर्षीय प्रिया और तीन वर्षीय बेटा रंजीत को गोद में लेकर शादी का एलबम देखकर फफक पड़ी।
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मृतक मुनेश का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
महज चंद कदमों की दूरी पर ऐसा ही गमगीन माहौल रामसागर के घर में था। दो कमरे के मकान में पत्नी मालती देवी बेसुध थी। पास ही पिता को यादकर 16 वर्षीय प्रांशू, 13 वर्षीय हिमांशु और 22 वर्षीय बेटी संतोषी का रो-रोकर हाल बेहाल था। एक साथ गांव में दो श्रमिकों की मौत से गलियों में सन्नाटा था।
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target killing
- फोटो : अमर उजाला
रात को हुई थी पति से बात, सुबह मिली मौत की सूचना
मंगलवार की सुबह जब पुष्पा की झोपड़ी पर सूरज की किरण पड़ी, तो बच्चों को उठाते हुए पुष्पा ने कहा पापा कश्मीर से आज निकल पड़े और वह जल्द घर आ जाएंगे। थोड़ी ही देर बाद कश्मीर से जेठ रामबाबू की कॉल आई। रामबाबू ने बताया कि आतंकी हमले में छोटे भाई मुनेश और रामसागर की मौत हो गई, जबकि खुद और पड़ोसी भोला व मोनू घायल हो गए।
मंगलवार की सुबह जब पुष्पा की झोपड़ी पर सूरज की किरण पड़ी, तो बच्चों को उठाते हुए पुष्पा ने कहा पापा कश्मीर से आज निकल पड़े और वह जल्द घर आ जाएंगे। थोड़ी ही देर बाद कश्मीर से जेठ रामबाबू की कॉल आई। रामबाबू ने बताया कि आतंकी हमले में छोटे भाई मुनेश और रामसागर की मौत हो गई, जबकि खुद और पड़ोसी भोला व मोनू घायल हो गए।